June 11, 2026 10:03 pm

CG News-“गरियाबंद रेत माफिया की काली कमाई पर प्रशासन का प्रहार! गरियाबंद में रिकॉर्ड तोड़ कार्रवाई”4 प्रकरणों में 245 हाईवा रेत जब्त”

Gariyaband/छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में खनिज माफियाओं के खिलाफ जिला प्रशासन का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। कलेक्टर श्री बी.एस. उइके के निर्देश पर सक्रिय टास्क फोर्स ने रेत के अवैध भण्डारण और परिवहन पर जबरदस्त कार्रवाई करते हुए पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। 19 और 20 जून को खनिज विभाग की टीम ने राजिम, बकली और चौबेबांधा क्षेत्रों में छापेमार कार्रवाई करते हुए रेत के अवैध भण्डारण के 4 बड़े मामलों का भंडाफोड़ किया और 245 हाईवा रेत की ढेरियां जप्त की गईं।

खनिज अधिकारी  रोहित साहू ने इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि टीम द्वारा एक हाईवा और चार ट्रैक्टरों के जरिये हो रहे अवैध रेत परिवहन के 9 प्रकरणों पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन सभी मामलों में छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन एवं भण्डारण) नियम 2009, खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 तथा छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के तहत कठोर दंडात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।

रेत के समंदर पर खिंची कानून की लकीर:- एक तरफ जहां रेत माफिया धरती की कोख को चीरकर अवैध उत्खनन में लगे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन अब किसी भी कीमत पर नियमों की अनदेखी सहन करने को तैयार नहीं। राजिम, बकली और चौबेबांधा क्षेत्र को रेत के अवैध कारोबार का गढ़ माना जाता रहा है, लेकिन अब हालात बदलते नजर आ रहे हैं। 245 हाईवा रेत की जप्ती यह दर्शाती है कि अवैध कारोबार कितना बड़ा था और इससे पर्यावरण और शासन को कितना नुकसान हो रहा था।

प्रशासन की टीम बनी जनता की ढाल:- इस कार्रवाई में सहायक खनिज अधिकारी  रोहित कुमार साहू, खनिज सिपाही  खिलेश्वर ध्रुव, नगर सैनिक भुवनेश्वर वर्मा,लाकेश साहू और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने अद्वितीय समन्वय के साथ भागीदारी निभाई। यह कार्रवाई न केवल एक मिशन की तरह थी बल्कि जिले में एक सशक्त संदेश भी कि खनिज माफिया चाहे जितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून के हाथ उससे कहीं ज्यादा मजबूत हैं।

वाहनों पर भी चलेगा कानून का डंडा:-सिर्फ रेत का भंडारण ही नहीं, अपितु अवैध परिवहन में उपयोग किए जा रहे वाहनों पर भी कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। एक हाईवा और चार ट्रैक्टरों के विरुद्ध मामले दर्ज किए जा चुके हैं और संबंधित वाहन मालिकों को नोटिस जारी कर दिया गया है। इन पर अर्थदंड के साथ-साथ कानूनी प्रक्रिया भी चलेगी, जिससे भविष्य में इस तरह की गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके।

रेत माफिया को नहीं मिलेगी शरण:- कलेक्टर बी.एस. उइके ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जिले में अवैध खनन या भंडारण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन सतत निगरानी और त्वरित कार्रवाई की नीति पर कार्य कर रहा है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में और भी कठोर कदम उठाए जाएंगे तथा किसी भी रसूखदार व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों ने बताया कि अवैध रेत उत्खनन से उनके खेतों में नमी खत्म हो रही थी, नदी और नालों का बहाव बाधित हो रहा था और जलस्तर में गिरावट दर्ज की जा रही थी। अब जब प्रशासन ने मोर्चा संभाला है तो ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनका जीवन फिर से सामान्य होगा और प्रकृति भी सहेजकर रखी जाएगी।

अंत में सवाल—क्या अब थमेगा यह खनन तांडव?

245 हाईवा रेत की जप्ती और 9 प्रकरणों की सक्रिय जांच इस बात का संकेत है कि प्रशासन अब जाग चुका है और अवैध खनन माफियाओं के दिन लद चुके हैं। परंतु बड़ा सवाल यह है कि क्या यह कार्रवाई स्थायी बदलाव लाएगी? क्या खनिज विभाग और पुलिस मिलकर इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुंच पाएंगे?

https://jantakitakat.com/2025/06/18/cg-breaking-रेत-भंडारण-में-बड़ा-भंडा/

फिलहाल गरियाबंद की धरती पर प्रशासन का डंडा रेत माफिया की रीढ़ तोड़ता नजर आ रहा है।

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