October 23, 2026 7:14 pm

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बस्तर दशहरा के मंच से जनजातीय संस्कृति का विश्वभर में गूंजा गौरवगान! राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा—सामाजिक समरसता, सामूहिक आस्था और लोकतंत्र की जीवंत मिसाल है बस्तर की अनूठी परंपरा!

75 दिनों तक आस्था का महापर्व, मुरिया दरबार में लोकतंत्र की अनोखी झलक; माओवाद से मुक्त बस्तर में विकास की नई इबारत लिखने का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया ऐलान! मांझियों का मानदेय ₹2,000 से बढ़कर ₹5,000 और चालकी का ₹1,500 से ₹3,500 हुआ—जनजातीय परंपराओं के सम्मान की दिशा में सरकार का बड़ा कदम! जगदलपुर। बस्तर की पावन धरती पर आस्था, परंपरा, जनजातीय संस्कृति और लोकतांत्रिक मूल्यों का ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा की विशिष्ट पहचान को एक बार फिर राष्ट्रीय मंच पर प्रतिष्ठित किया।

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संविधान के आकाश में गूंजा इस्तीफ़े का वज्रपात — धनखड़ ने छोड़ा उपराष्ट्रपति पद,स्वास्थ्य कारणों का दिया हवाला!

संविधान के आकाश में गूंजा इस्तीफ़े का वज्रपात — धनखड़ ने छोड़ा उपराष्ट्रपति पद,स्वास्थ्य कारणों का दिया हवाला! नई दिल्ली। भारत की राजनीति में सोमवार शाम एक अप्रत्याशित भूचाल आया, जब देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अचानक अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया। यह फैसला जितना चौंकाने वाला था, उतना ही संवेदनशील और भावुक भी। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को भेजे अपने त्यागपत्र में स्वास्थ्य कारणों और चिकित्सकीय सलाह का हवाला देते हुए कहा कि अब उनके लिए सबसे बड़ा धर्म “स्वास्थ्य” है। यह इस्तीफ़ा न केवल राजनीतिक गलियारों

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