“रायपुर में IT का महा–ऑपरेशन:लोहा माफिया के 40 ठिकानों पर एक साथ धावा… दस्तावेज़ों की ढेरियां खुल रहीं करोड़ों के रहस्य!
Raipur/गुरुवार की सुबह रायपुर और आसपास के इलाकों में लोगों की नींद तब खुली जब शहर के कई प्रतिष्ठित लोहा कारोबारियों के घर और दफ्तरों के बाहर अचानक से जीपों का काफिला रुक गया। क्षणभर में पूरा माहौल पुलिसिया कार्रवाई की झंकार से भर उठा। आयकर विभाग की सबसे बड़ी हालिया रेड ने शहर में हड़कंप मचा दिया है। एक–दो नहीं, बल्कि लगभग 40 से 50 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी, जैसे किसी फिल्म का हाई-वोल्टेज क्लाइमैक्स—पर यह असल जिंदगी थी, और दांव पर करोड़ों की कमाई के राज।
सुबह लगभग 6 बजे ऑपरेशन की शुरुआत हुई। शहर के दो से तीन नामी लोहा कारोबारियों के घर, ऑफिस, कारखानों और जमीन कारोबार से जुड़े ठिकानों पर विभाग ने एक साथ दबिश देकर साफ कर दिया कि इस बार शिकंजा छोटा नहीं, बल्कि पूरे तंत्र पर कसा गया है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई लंबे समय से चल रही निगरानी और आर्थिक गतिविधियों पर नजर रखने के बाद की गई है।
ओम स्पंज के मालिक बने कार्रवाई का केंद्र!
सूत्रों की मानें तो जिन प्रमुख कारोबारियों पर यह कार्रवाई हुई है, उनमें ओम स्पंज के मालिक अरविंद और अमर अग्रवाल प्रमुख नाम हैं। आयकर विभाग को इनके खिलाफ संदिग्ध लेन-देन, आय के वास्तविक स्रोत छिपाने और बड़े पैमाने पर कर चोरी से जुड़ी गंभीर जानकारी मिली थी। शुरुआती जांच में पता चला है कि कारोबारियों के जमीन सौदों में भी कई गड़बड़ियां सामने आई हैं, जिनकी जांच अब और गहरी की जा रही है।
दोनों कारोबारियों से जुड़े जमीन कारोबारियों और वित्तीय साझेदारों के ठिकानों पर भी छापेमारी जारी है। विभाग को उम्मीद है कि डिजिटल रिकॉर्डों के जरिए पर्दे के पीछे छिपी करोड़ों की काली कमाई की परतें खुलेंगी।
100 से ज्यादा CRPF जवानों की तैनाती—कार्रवाई का पैमाना हुआ विशाल!
इस ऑपरेशन में सिर्फ आयकर विभाग के अधिकारी ही नहीं बल्कि 100 से ज्यादा CRPF जवानों की मौजूदगी यह बताने के लिए काफी है कि मामला कितना संवेदनशील और बड़ा है। सुरक्षा बलों की तैनाती से अंदाजा लगाया जा सकता है कि विभाग को प्रतिरोध की आशंका थी या फिर कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह की अराजकता की संभावना को देखते हुए यह सुरक्षा कवच दिया गया।
जवानों ने मौके पर पहुंचकर पहले सभी परिसरों को घेरा, फिर अधिकारियों ने दस्तावेज़ों की तलाशी शुरू की। कंप्यूटर, लैपटॉप और हार्ड डिस्क की सीजिंग के साथ कई जगह लॉकरों की चाबियों की तलाश में अफसरों ने पूरा परिसर खंगाला।
कारोबारी जगत में हड़कंप—“किसकी बारी अगली?”
इस कार्रवाई ने छत्तीसगढ़ के कारोबारी जगत में जोरदार हलचल मचा दी है। शहर के कई उद्योगपतियों के बीच फुसफुसाहट का दौर चल रहा है—
“क्या यह शुरुआत है?”
“अगली बारी किसकी?”
लोहा उद्योग से जुड़े कई कारोबारियों ने फोन स्विच ऑफ कर दिए हैं। कुछ ने तो अपने दफ्तरों की गतिविधियां भी रोक दी हैं। अचानक हुए इस ऑपरेशन ने पूरे उद्योग जगत को सावधान कर दिया है।
दस्तावेज़ों की पड़ताल—खुल सकते हैं बड़े राज!
सूत्र बताते हैं कि विभाग को इस कार्रवाई में कई महत्वपूर्ण फाइलें, जमीन सौदों से जुड़े दस्तावेज़, डिजिटल एंट्री, कैश फ्लो की गुप्त हिस्ट्री और कथित रूप से संदिग्ध एंट्री से जुड़े कागजात मिले हैं।अधिकारियों का ध्यान अब इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्डों पर है—
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बैलेंस शीट,
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जीएसटी रिटर्न,
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लेजर,
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अनऑफिशियल बहीखातों,
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हवाला जैसे ट्रांजैक्शन,
इनकी बारीकी से जांच कर यह देखा जाएगा कि कारोबारियों की घोषित आय और वास्तविक संपत्ति में कितना अंतर है।
छापेमारी अभी जारी—हर घंटे मिल रही नई जानकारी!
कार्रवाई अभी भी जारी है। कई ठिकानों पर टीम देर शाम तक तैनात रही। बताया जा रहा है कि कुछ परिसरों से भारी मात्रा में कैश और सोना मिलने की संभावनाएं हैं, हालांकि विभाग ने अभी तक आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं की है।
इसके अलावा कारोबारियों के बैंक खातों की गतिविधियों और लेन-देन पर भी विभाग की करीबी नजर बनी हुई है। कई खातों की स्टेटमेंट तुरंत बैंक से मंगाई गई हैं।
कार्रवाई की आहट से राजनीति में भी हलचल!
ऐसी बड़ी कार्रवाई हो और राजनीति शांत रहे, यह कैसे संभव है? शहर की राजनीतिक गलियों में भी चर्चा गर्म है—
“किसके संकेत पर कार्रवाई हुई?”
“क्या यह किसी बड़े अभियान की शुरुआत है?”
हालांकि विभाग ने इसे एक नियमित कार्रवाई बताया है, लेकिन जिस तरह से इसे अंजाम दिया गया, उससे यह साफ है कि आने वाले दिनों में और भी कई नाम सामने आ सकते हैं।
रेड ने खोली करोड़ों के रहस्यों की परतें—जारी रहेगा ऑपरेशन!
रायपुर में IT का यह महाऑपरेशन अभी प्रारंभिक चरण में है। आने वाले घंटों और दिनों में कई बड़े खुलासे होने की संभावना है। दस्तावेज़ों की जांच और डिजिटल फॉरेंसिक के बाद असल तस्वीर सामने आएगी कि सालों से चल रहे संदिग्ध लेन-देन का दायरा कितना बड़ा है।
फिलहाल इतना तय है कि छत्तीसगढ़ का लोहा उद्योग इस रेड के बाद एक बड़े भूचाल से गुजर रहा है, और शहर में चर्चा का सिर्फ एक ही मुद्दा है—
“IT की रेड… और खुलते हुए करोड़ों के छिपे राज!”













