CG NEWS की धरती से उठी दर्दनाक खबर—भुवनेश्वर के प्रतिष्ठित KIIT यूनिवर्सिटी में छत्तीसगढ़ के छात्र की रहस्यमयी मौत, हॉस्टल के दरवाज़े पर खड़ी हो गई दहशत की लंबी परछाईं…
Raigarh/छत्तीसगढ़ के रायगढ़ से भुवनेश्वर की ओर उड़ान भरने वाला एक सपना रविवार की रात टूटकर बिखर गया। कंप्यूटर साइंस का पहला साल पढ़ रहा मात्र 18 वर्षीय राहुल यादव, जिसे परिवार ने बड़े अरमानों के साथ KIIT यूनिवर्सिटी में दाखिला दिलाया था, सोमवार की सुबह खबर आई कि राहुल अब इस दुनिया में नहीं रहा। हॉस्टल के कमरे में उसकी लाश मिलने से पूरे कैंपस में सन्नाटा पसर गया। हर तरफ सिर्फ एक ही सवाल—आखिर राहुल के कमरे में क्या हुआ?
दरवाज़ा नहीं खुला… और शुरू हुई एक दर्दनाक कहानी!
रविवार देर शाम तक राहुल को किसी ने बाहर आते नहीं देखा था। दोस्त मानकर चल रहे थे कि शायद वह पढ़ाई में व्यस्त होगा। लेकिन रात बढ़ती गई, और राहुल की चुप्पी असहज होने लगी। हॉस्टल के छात्रों ने दरवाज़ा खटखटाया, कई बार आवाज़ लगाई—
“राहुल… दरवाज़ा खोलो!”मगर भीतर से कोई प्रतिक्रिया नहीं।
कुछ ही मिनटों में बेचैनी डर में बदल गई। वार्डन को सूचना दी गई, और तुरंत पुलिस को बुलाया गया। जब दरवाज़ा वीडियोग्राफी के साथ खोला गया, तो सामने जो दृश्य था, उसने सभी के पैरों तले ज़मीन खिसका दी—राहुल बेहोश पड़ा था, और कमरे की हवा तक भारी लग रही थी।
तुरंत उसे KIMS अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने कहा—“बहुत देर हो चुकी है… छात्र की मौत हो चुकी है।”
कमरे के अंदर मिला क्या? पुलिस की जांच ने बढ़ाई रहस्य की परतें!
इन्फोसिटी पुलिस ने मामले को अचानक मौत (UD case) के रूप में दर्ज किया है, लेकिन परिस्थितियाँ कई सवाल छोड़ रही हैं।घटनास्थल पर फॉरेंसिक विशेषज्ञ भी पहुंची और कमरे का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने राहुल का मोबाइल, लैपटॉप, नोट्स, और कुछ निजी सामान जब्त कर लिया है। कमरा तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
अधिकारियों के मुताबिक, यह यूनिवर्सिटी में साल की तीसरी संदिग्ध मौत है, जिसने पूरे संस्थान की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कुछ महीने पहले ही एडमिशन लिया था — सपनों का सफर ऐसे खत्म होगा, किसे पता था…
राहुल यादव कुछ ही महीने पहले KIIT में दाखिला लेकर भुवनेश्वर आया था। परिवार खुश था कि बेटा कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में अपना भविष्य बनाएगा। लेकिन इस आकांक्षा का अंत इतनी भयावह तरीके से होगा, यह किसी ने सोचा भी न था।
परिवार को घटना की जानकारी दे दी गई है। माता-पिता रायगढ़ से भुवनेश्वर रवाना हो चुके हैं।
पोस्टमॉर्टम परिजन के पहुंचने के बाद ही किया जाएगा।
यूनिवर्सिटी में दहशत—छात्रों में खौफ़ और प्रशासन पर सवाल!
घटना के बाद हॉस्टल के कॉरिडोर में एक ही चर्चा—
“यह आखिर कैसे हुआ? क्या राहुल ने खुद को नुकसान पहुंचाया? या कोई और वजह थी?”
छात्रों ने बताया कि बीते कुछ महीनों में कैंपस में कई घटनाएँ सामने आई हैं, जिससे सभी मानसिक रूप से असहज हैं। छात्रों का कहना है कि हॉस्टल में काउंसलिंग सिस्टम मजबूत नहीं है, और समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जाता।
परिवार की पुकार—“हमें सच जानना है”
राहुल का परिवार सदमे में है। मां बार-बार बस यही कह रही हैं—“मेरा बेटा इतना शांत था… किसी से लड़ाई नहीं… फिर ऐसा कैसे हुआ?”
रायगढ़ में भी लोग स्तब्ध हैं। पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने कहा कि राहुल पढ़ाई में तेज, विनम्र और हर किसी से हंसकर बात करने वाला बच्चा था।
जांच जारी — क्या उजागर होगा सच?
पुलिस फिलहाल हर पहलू पर जांच कर रही है—
•क्या यह अचानक मौत है, या इसके पीछे कोई मानसिक दबाव था?
•कमरे में कोई रासायनिक पदार्थ मिला?
•मोबाइल और लैपटॉप की डिजिटल जांच क्या बताती है?
•क्या हॉस्टल में किसी से झगड़ा या तनाव था?
इन सवालों के बीच KIIT प्रशासन भी दबाव में है। सोशल मीडिया पर यह मामला तेजी से उठ रहा है और छात्रों की सुरक्षा पर बड़ा प्रश्नचिन्ह लग रहा है।
राहुल की मौत ने खोला बड़ा सवाल—क्या देश की बड़ी यूनिवर्सिटियां छात्रों की सुरक्षा को लेकर तैयार हैं?
राहुल की मौत सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि उन हजारों छात्रों की चिंता है जो घर से दूर किसी बड़े शहर में पढ़ाई करने आते हैं।कितने ही बच्चे मानसिक दबाव, अकेलेपन, और पढ़ाई की चुनौतियों से जूझते हैं—लेकिन उनके लिए मजबूत सपोर्ट सिस्टम कहां है?
राहुल का कमरा अब सील है… लेकिन सवाल खुल गए हैं—क्या उसकी मौत एक हादसा थी, या एक चेतावनी?
एक मां के सपनों का ताबूत बनकर रह गया राहुल का कमरा…
भुवनेश्वर की हवा में अभी भी वह सन्नाटा तैर रहा है, जो राहुल की चुप्पी से पैदा हुआ था। हॉस्टल के उस बंद कमरे के भीतर क्या बीता, इसका जवाब पुलिस की जांच देगी। लेकिन इतना तय है—छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में एक घर अब कभी पहले जैसा नहीं होगा।
एक और सपना अधूरा रह गया… और KIIT की दीवारों पर एक और रहस्य की परछाईं तैर गई…













