Raipur // राजधानी रायपुर में गुरुवार को ऐसा घटनाक्रम सामने आया जिसने पूरे शहर का दिल दहला दिया। काली माता वार्ड में चुनाव कार्य में जुटी महिला BLO (Booth Level Officer) पर अचानक एक महिला ने जानलेवा हमला कर दिया। सिर्फ इतना ही नहीं, आरोपी ने BLO की साड़ी तक खींच डाली, बाल पकड़े, घसीटा और बीच सड़क पर मारपीट कर दी। घटना की सनसनीखेज वीडियो अब सोशल मीडिया पर ताबड़तोड़ वायरल है और पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है।
काली माता वार्ड, जहाँ आम दिनों में शाम को शांति होती है, गुरुवार दोपहर अचानक जंग का मैदान बन गया। महिला BLO एक घर में मतदाता सूची का फॉर्म-6 देने पहुंची थी। जैसे ही उसने दस्तावेज माँगे और प्रक्रिया बताई, तभी घर की महिला फॉर्म मिलने में देरी की बात को लेकर भड़क उठी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि उसने BLO पर हाथ उठा दिया।
लोगों ने बताया कि पहले तो आरोपी महिला ने BLO को तेज-तेज गालियाँ देना शुरू किया। BLO ने शांत रहने और प्रक्रिया समझाने की कोशिश भी की, लेकिन आरोपी महिला का गुस्सा किसी ज्वालामुखी की तरह फूट पड़ा। अचानक उसने BLO की साड़ी पकड़कर जोर से खींचा, जिससे अधिकारी का संतुलन बिगड़ गया और वह लगभग गिर पड़ी। लेकिन आरोपी यहीं नहीं रुकी—उसने BLO को खींचते हुए बाहर ले जाकर थप्पड़, मुक्कों और लातों से हमला कर दिया।
पास ही खड़े लोगों ने जब यह दृश्य देखा तो हड़कंप मच गया। कुछ लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की लेकिन आरोपी महिला किसी भी तरह मानने को तैयार नहीं थी। इसके बाद एक युवक ने पूरा घटनाक्रम मोबाइल में रिकॉर्ड करना शुरू किया, लेकिन यही कदम उसके लिए भारी पड़ गया। जैसे ही महिला की नजर वीडियो बनाने वाले युवक पर गई, उसने BLO को छोड़ सीधे युवक पर धावा बोल दिया।
युवक को जमीन पर गिराकर महिला ने चप्पल और हाथों से बेरहमी से पीटा, जिससे वह घायल हो गया। डर के कारण किसी ने तुरंत पास जाकर रोकने की हिम्मत नहीं की। पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग दूर से शोर मचाते रहे और कुछ महिलाएँ बचाने दौड़ीं, जिसके बाद जाकर आरोपी को किसी तरह रोका जा सका।
इस दौरान BLO की हालत दयनीय हो चुकी थी। कपड़े अस्त-व्यस्त, आंखों में भय… और पूरे शरीर में दर्द के निशान। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही आमानाका पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और पीड़ित महिला BLO को सुरक्षित थाने ले गई। उनके बयान दर्ज किए गए और मेडिकल जाँच भी कराई गई।
घटना इतनी भयानक थी कि सुनकर ही किसी के रोंगटे खड़े हो जाएं। चुनावी कार्य में लगे BLO अक्सर घर-घर जाकर दस्तावेज की जाँच करते हैं, लेकिन इस तरह की हिंसा ने सभी फील्ड कर्मियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एडमिनिस्ट्रेशन के कई अधिकारी भी मौके पर पहुँचे। महिला BLO लगातार रो रही थीं और उन्होंने बताया—
“मैं बस अपना काम कर रही थी। फॉर्म देने में थोड़ी देर हो गई थी, बस इसी बात पर वह महिला अचानक आग-बबूला हो गई… मेरी साड़ी खींच ली, बाल पकड़कर घसीटा… इतना मारा कि मैं खुद को बचा भी नहीं पाई…”
जिला प्रशासन ने इस घटना को चुनावी कार्य में बाधा और सरकारी कर्मचारी पर हमला मानते हुए तुरंत FIR दर्ज करने का आदेश दिया।
स्थानीय पार्षद और सामाजिक संगठनों ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारी पहले ही भारी दबाव में काम करते हैं, और घर-घर जाकर दस्तावेज जाँच करना काफी चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में किसी कर्मचारी के साथ इस तरह की क्रूरता लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अपमान है।
घटना के बाद पूरे काली माता वार्ड में आक्रोश का माहौल है। लोग कह रहे हैं—
“अगर सरकारी कर्मचारी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो काम कैसे होगा? हर घर में जाकर फॉर्म देना कोई गुनाह नहीं है।”
सोशल मीडिया पर वीडियो के वायरल होते ही लोग गुस्से में आ गए और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कई लोगों ने यह भी लिखा कि महिला BLO के साथ हुई ये शर्मनाक घटना कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए बड़ा प्रश्नचिह्न है।
जिला चुनाव कार्यालय ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि BLO की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे और आरोपी को कठोरतम सजा दिलाने के लिए कानूनी प्रक्रिया तेज की जाएगी।
रायपुर का यह मामला सिर्फ एक हिंसक वारदात नहीं, बल्कि फील्ड में काम करने वाले हजारों BLO की सुरक्षा से जुड़ा संदेश भी है।
और इस पूरे घटनाक्रम के साथ एक सवाल हवा में तैर रहा है—
“क्या सिर्फ फॉर्म देने में देरी किसी को इतना हिंसक बना सकती है, कि वह एक महिला अधिकारी की साड़ी खींचकर उसे सड़कों पर घसीट दे?”
(SIR) की समय-सीमा 7 दिनों के लिए बढ़ा दी है। पहले फॉर्म जमा करने की अंतिम तारीख 4 दिसंबर निर्धारित थी। अब नए आदेश के तहत 11 दिसंबर तक लोग फॉर्म जमा कर सकेंगे। आयोग ने पूर्व आदेश को निरस्त करते हुए नया शेड्यूल जारी किया है। नया शेड्यूल छत्तीसगढ़ समेत 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए लागू होगा।
समाज को इस सवाल का जवाब ढूंढना ही होगा।













