छत्तीसगढ़ में मासूमियत पर दरिंदगी का साया: पांच साल की बच्ची के साथ रूह कंपा देने वाली घटना आरोपी गिरफ्तार!
chhatisgrah/सूरजपुर में दहशत फैलाने वाली वारदात सूरजपुर सामने आई है जिले के प्रतापपुर क्षेत्र में सोमवार की दोपहर एक ऐसी घटना घटी जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। पांच साल की मासूम बच्ची को चाकलेट का लालच देकर दरिंदे ने अपने घर बुलाया और उसके साथ वहशीपन की सारी हदें पार कर दी। बच्ची की हालत बिगड़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, और पूरा गांव आक्रोश की लहर में डूब गया।
घर के बाहर खेल रही थी मासूम, दरिंदे ने रच दी साजिश!
पीड़ित बच्ची स्कूल से लौटने के बाद अपने घर के बाहर अकेली खेल रही थी। घर में माता-पिता नहीं थे, इसी मौके का फायदा उठाते हुए 21 वर्षीय आरोपी रोशन टोप्पो ने चॉकलेट देने का बहाना बनाया और मासूम को अपने घर ले गया। रोशन मूलतः सूरजपुर जिले के जगन्नाथपुर का रहने वाला है, जो फिलहाल प्रतापपुर में रह रहा था। बच्ची उसकी इन हरकतों से अनजान मासूमियत के साथ उसकी बातों में आ गई।
अकेलेपन में सुनाई दी दरिंदे की दरिंदगी!
युवक ने अपने कमरे में बच्ची के साथ रेप किया। दर्द से बेहाल बच्ची चीखना चाहती थी, लेकिन आरोपी ने उसका मुंह दबा दिया। इस बर्बरता के बाद वह बच्ची के पास ही बैठा रहा, बच्ची के शरीर से लगातार खून बहता रहा और वह खून से लथपथ हो गई। मासूम की रोने-चीखने की आवाज सुनकर आसपास के लोग इकठ्ठा हो गए, तब यह दिल दहला देने वाली सच्चाई सामने आई।
पंचायत, गुस्सा और पिटाई; न्याय की पहली कड़ी!
गांव वालों ने आरोपी रोशन टोप्पो को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। गुस्साए लोगों ने उसे तत्काल पुलिस के हवाले कर दिया। मामला जैसे ही उजागर हुआ, बच्ची के माता-पिता बदहवासी में मौके पर पहुंचे और अपनी जान से प्यारी बेटी को उठाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां उसे ICU में रखा गया। डॉक्टर्स ने बताया कि उसकी हालत अब स्थिर है और इलाज चल रहा है।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम की सक्रियता!
घटना की गंभीरता को देखते हुए सूरजपुर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। थानाप्रभारी अमित कौशिक ने बताया कि आरोपी रोशन टोप्पो के खिलाफ बीएनएस की धारा 65(2) और पाक्सो एक्ट की धारा 4, 6 के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। घटना स्थल की फोरेंसिक टीम ने भी जांच की है और सबूत जुटाए हैं।
मासूमियत पर हमला, समाज में मची खलबली!
पूरा सूरजपुर जिला इस घटना से आहत है और लोगों में जबरदस्त आक्रोश है। बच्ची की हालत जानने के लिए लोग अस्पताल के बाहर जमा हैं। सभी आरोपी को सख्त सजा देने की मांग कर रहे हैं ताकि ऐसी क्रूर घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। स्थानीय सामाजिक संगठन तथा पंचायत ने भी प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि इलाके में बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
रिश्तों की परछाईं से बाहर न निकले मासूम!
घटनाएं बार-बार ये सवाल उठाती हैं कि मासूम बच्चे ना जाने कब, किस भरोसेमंद चेहरे के पीछे छुपे दरिंदे का शिकार बन जाएं। इस घटना ने एक बार फिर समाज-परिवार और प्रशासन की जिम्मेदारी बढ़ा दी है। बच्ची के पुनर्वास, काउंसलिंग और कानूनी न्याय की राह अभी लंबी है।
पीड़िता की हालत में सुधार है, पर उसके मासूम दिल पर लगे जख्म शायद ही जल्दी भर पाएंगे। आरोपी अब सलाखों के पीछे है, पुलिस जांच जारी है और न्यायालय सख्त रुख अख्तियार कर चुका है। सूरजपुर की यह घटना आम जन मानस में डर और गुस्से की लहर छोड़ गई है, साथ ही समाज को बच्चियों की सुरक्षा एवं उनके अधिकारों के प्रति सजग होने की बड़ी चेतावनी भी।













