“प्यार में धोखे का खौफनाक बदला…! प्रयागराज में भाभी ने सोते हुए देवर पर किया बेरहम वार, काटा निजी अंग — मोहब्बत में इनकार बना दरिंदगी की वजह”
Prayagraj/20 अक्टूबर प्रयागराज के मऊआईमा इलाके में एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है। एक भाभी ने अपने ही देवर पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर उसका निजी अंग काट डाला। वजह — प्यार में धोखा और शादी से इनकार। यह दर्दनाक घटना 16 अक्टूबर की रात की है, जब 20 वर्षीय युवक उमेश अपने घर में आराम से सो रहा था। किसी ने भी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि रात का सन्नाटा कुछ ही मिनटों में चीख़ों में बदल जाएगा और एक परिवार हमेशा के लिए शर्मनाक हादसे की छाया में जीने को मजबूर हो जाएगा।
प्यार से शुरू हुई कहानी…खून में खत्म हुई!
मऊआईमा थाना क्षेत्र के मलखानपुर गांव में रहने वाले उमेश और उसकी भाभी मंजू की छोटी बहन के बीच लंबे समय से मुलाकातें होती रहीं। एक-दूसरे के करीब आते-आते दोनों में मोहब्बत पनप गई। दोनों ने साथ जीने-मरने की कसमें भी खाईं। मंजू की छोटी बहन को यकीन था कि उमेश उसे ज़िंदगी भर साथ देगा। उमेश ने भी शादी का वादा किया था।
लेकिन जैसे ही यह अफेयर परिवार वालों की नज़रों में आया, हालात पलट गए। नज़दीकी रिश्तेदारी में शादी करने से परिवार ने सख्ती से इनकार कर दिया। इस इनकार के बाद उमेश ने भी अपना कदम पीछे खींच लिया, क्योंकि वह अब किसी और को चाहने लगा था।
इनकार बना नफरत की चिंगारी!
उमेश के मुंह से शादी से इनकार की बात सुनकर मंजू की छोटी बहन टूट गई। वह दिन-ब-दिन गुमसुम रहने लगी, डिप्रेशन में चली गई। यह देखकर भाभी मंजू का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उसने सोचा — अगर उमेश उसकी बहन को नहीं अपना सकता, तो उसे चैन से जीने का हक भी नहीं।
16 अक्टूबर की वो खौफनाक रात…
रात करीब 12 बजे। पूरा घर नींद में डूबा हुआ था। उमेश अपने कमरे में अकेले सो रहा था। मंजू रसोई में गई और वहां से एक तेज धार वाला चाकू उठाया। धीरे-धीरे कदमों से वह उमेश के कमरे में पहुंची। कमरे में सिर्फ एक हल्की सी ट्यूबलाइट की रोशनी थी। मंजू के चेहरे पर कोई हिचक नहीं — बस बदले की आग थी।
बिना कुछ सोचे-समझे उसने उमेश पर चाकू से ताबड़तोड़ चार वार कर दिए। उमेश दर्द से चीख उठा, लेकिन इससे भी ज्यादा डरावना मंजर तब बना जब मंजू ने उसका निजी अंग काट डाला। हमले के बाद वह चुपचाप घर से फरार हो गई, मानो कुछ हुआ ही न हो।
खून से लथपथ फर्श और सन्नाटे में गूंजती चीखें!
उमेश की चीखों से पूरा घर दहल उठा। उसका बड़ा भाई सबसे पहले कमरे में पहुंचा। दरवाज़ा खुलते ही जो दृश्य सामने था, वह किसी भी इंसान को हिला देने के लिए काफी था। उमेश खून से लथपथ पड़ा था और उसका निजी अंग बिस्तर के पास पड़ा हुआ था। परिवार के लोग घबरा गए। तुरंत उसे गंभीर हालत में नज़दीकी अस्पताल ले जाया गया।
डेढ़ घंटे चला ऑपरेशन, डॉक्टरों ने बचाई जान!
डॉक्टर गिरीश मिश्रा और उनकी टीम ने डेढ़ घंटे तक संघर्ष कर उमेश की जान बचाई। डॉक्टर ने बताया — “हमने ब्लीडिंग रोकने और अंग को संरक्षित रखने की पूरी कोशिश की। फिलहाल मरीज खतरे से बाहर है, लेकिन पूरी तरह ठीक होने में सात से आठ महीने लग सकते हैं।” अस्पताल में उमेश का इलाज जारी है।
पहले FIR अज्ञात के खिलाफ, फिर खुला राज!
पहले तो परिजनों ने अज्ञात हमलावर के खिलाफ मऊआईमा थाने में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने जब बारीकी से जांच शुरू की तो कई राज़ खुलने लगे। गहन पूछताछ में मंजू का नाम सामने आया। परिवार और गांव वालों से मिले बयानों ने पूरी सच्चाई उजागर कर दी। पुलिस ने मंजू के खिलाफ आईपीसी की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
पुलिस बोली — “जल्द होगी गिरफ्तारी”!
मऊआईमा थाना प्रभारी ने बताया — “हमारे पास पुख्ता सबूत हैं। आरोपी महिला मंजू फरार है, लेकिन ज्यादा देर तक वह कानून से बच नहीं पाएगी। उसके खिलाफ हत्या की कोशिश और गंभीर धाराओं में मामला दर्ज है। टीम बनाई गई है और तलाश जारी है।”
गांव में फैली सनसनी, रिश्तों पर उठा सवाल!
इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। लोग अब भी यकीन नहीं कर पा रहे कि एक भाभी अपने ही देवर के साथ इतनी बेरहमी कर सकती है। गांव के बुजुर्गों का कहना है — “रिश्तों में मोहब्बत थी, लेकिन वह मोहब्बत जुनून में तब्दील हो गई और इस जुनून ने एक जिंदगी तबाह कर दी।”
अब आगे क्या?
मंजू की गिरफ्तारी के बाद उस पर हत्या की कोशिश, गंभीर चोट पहुंचाने और जानबूझकर अंग काटने जैसी धाराएं लगाई जाएंगी। अगर दोष साबित होता है तो उसे उम्रकैद या आजीवन सजा भी हो सकती है। वहीं उमेश की ज़िंदगी अब कभी पहले जैसी नहीं रहेगी। डॉक्टरों के अनुसार वह सामान्य ज़िंदगी में लौटने में कई महीने लगाएगा।
प्यार और रिश्तों के नाम पर ऐसे अपराध समाज को झकझोर देते हैं। जिस रिश्ते में भरोसा होना चाहिए, वहां नफरत और बदले की आग ने एक घर उजाड़ दिया। प्रयागराज की यह वारदात एक चेतावनी है — प्यार ज़बरदस्ती का नहीं होता, और इनकार कभी भी दरिंदगी की वजह नहीं बन सकता। कानून के शिकंजे में अब मंजू जल्द होगी और इंसाफ की घड़ी नज़दीक है।













