July 17, 2026 10:21 pm

सूरज प्रसाद देवांगन के हाथों में छत्तीसगढ़ की कमान, इफ़्सेफ ने सौंपा प्रदेश संयोजक का दायित्व!

सूरज प्रसाद देवांगन के हाथों में छत्तीसगढ़ की कमान, इफ़्सेफ ने सौंपा प्रदेश संयोजक का दायित्व!

Raipur/छत्तीसगढ़ की राजधानी से एक बड़ी और ऐतिहासिक खबर आई है जिसने प्रदेशभर के स्वास्थ्य कर्मचारियों और संगठन से जुड़े लोगों के मन में नया उत्साह जगाया है। इंडियन पब्लिक सर्विस एम्पलाइज फेडरेशन (इफ़्सेफ) के राष्ट्रीय महासचिव प्रेमचंद ने आधिकारिक घोषणा करते हुए अभनपुर के नेत्र सहायक अधिकारी एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के महामंत्री सूरज प्रसाद देवांगन को प्रदेश संयोजक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंप दी है। इस घोषणा के साथ ही प्रदेश के स्वास्थ्य कर्मचारी संगठन को नए ऊर्जा-संकल्प और राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती मिलने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

बधाईयों की गूंज और उत्साह का माहौल!

देवांगन की नियुक्ति की खबर सामने आते ही प्रदेशभर के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में उल्लास का माहौल फैल गया। इफ़्सेफ के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनिल शुक्ला, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओ.पी. शर्मा, छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के नवनिर्वाचित प्रांताध्यक्ष अनिल पांडेय, साथ ही रविंद्र तिवारी, सुशील गुप्ता, भूपेंद्र राय और अश्वनी गुर्देकर ने गर्मजोशी से बधाई देते हुए कहा कि यह नियुक्ति मात्र औपचारिक आदेश नहीं है, बल्कि यह संगठन की शक्ति और विश्वास का प्रतीक है।

अनिल शुक्ला ने कहा –“सूरज प्रसाद देवांगन का नेतृत्व छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण क्षण है। उनके अनुभव, सरल स्वभाव और संगठनात्मक कुशलता से इफ़्सेफ की दिशा और अधिक सशक्त होगी।”

इसी प्रकार ओ.पी. शर्मा ने भरोसा जताया कि देवांगन का मार्गदर्शन न केवल संगठनात्मक मजबूती देगा बल्कि प्रदेश के स्वास्थ्य कर्मचारियों के अधिकारों एवं मांगों को राष्ट्रीय मंच पर प्रखर स्वर देने का काम करेगा।

दिल्ली बैठक बनी ऐतिहासिक गवाह!
23 अगस्त को दिल्ली में आयोजित इफ़्सेफ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक महज़ औपचारिक सभा नहीं थी, बल्कि ऐतिहासिक घटनाओं का दस्तावेज़ बन गई। इस बैठक में छत्तीसगढ़ से अनिल शुक्ला, ओ.पी. शर्मा, सूरज प्रसाद देवांगन और सुशील गुप्ता शामिल हुए थे। राष्ट्रीय स्तर की इस गहन चर्चा में पूरे देशभर से आए प्रतिनिधियों के बीच छत्तीसगढ़ की भूमिका निर्णायक रही और वहीं से यह निर्णय लिया गया कि प्रदेश संयोजक जैसे अहम दायित्व की जिम्मेदारी अब सूरज प्रसाद देवांगन को सौंपी जाएगी।

यह फैसला केवल संगठन की मजबूती का प्रतीक नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ के महत्व को राष्ट्रीय मंच पर नई ऊँचाई प्रदान करने वाला निर्णायक कदम साबित हुआ।

कौन हैं सूरज प्रसाद देवांगन?

सूरज प्रसाद देवांगन अभनपुर के एक समर्पित स्वास्थ्यकर्मी एवं संगठनकर्ता के रूप में लंबे समय से सक्रिय हैं। नेत्र सहायक अधिकारी के रूप में मरीजों की सेवा से लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के महामंत्री पद पर कार्य करते हुए उन्होंने बार-बार यह साबित किया है कि न्यायोचित अधिकारों की लड़ाई संवेदनशीलता और संगठन के सहयोग से जीती जा सकती है।

उनकी नेतृत्व क्षमता, जनसंपर्क में सहजता और समस्या समाधान की तत्परता ने उन्हें न केवल सहकर्मियों का प्रिय बनाया बल्कि राष्ट्रीय नेतृत्व के लिए भी उनका कद और महत्व बढ़ा दिया।

नयी चुनौतियों का आगाज़!
प्रदेश संयोजक का पद चाहे सम्मान का प्रतीक हो, लेकिन यह भारी जिम्मेदारियों से भी जुड़ा है। अब सूरज प्रसाद देवांगन पर यह दायित्व है कि वे प्रदेश के स्वास्थ्य कर्मचारियों की समस्याओं को राष्ट्रीय कार्यकारिणी तक प्रभावी ढंग से पहुँचाएँ और संघ के लिए नए रास्ते तैयार करें।

चुनौतियाँ चाहे वेतन विसंगतियों की हों, कार्य परिस्थितियों की, पदोन्नति की मांग हो या सेवा-सुविधाओं की—संगठन को एकजुटता और सकारात्मक संवाद के सहारे परिणाम हासिल करने होंगे। और यही कार्य अब देवांगन के नेतृत्व में नई गति प्राप्त करने वाला है।

संगठन और प्रदेश के लिए गौरव का क्षण!
आरंभ से ही इफ़्सेफ की सोच रही है कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान केवल राष्ट्रीय स्तर पर समन्वय और संगठनात्मक एकजुटता से संभव है। देवांगन की नियुक्ति इसी विचारधारा की उन्नत परिकल्पना को मूर्त रूप देती है। प्रदेश के कर्मचारी संघ के लोग इस क्षण को एतिहासिक विजय और गौरव की सीढ़ी मान रहे हैं।

“यह नियुक्ति छत्तीसगढ़ के लिए ही नहीं बल्कि उन सभी कर्मचारियों और कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा है, जो छोटे कस्बों से निकलकर बड़े स्तर पर छाप छोड़ने का सपना देखते हैं।” — वरिष्ठ पदाधिकारियों ने सामूहिक बयान में कहा।

भविष्य की राह पर उम्मीदें!
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रदेश संयोजक के रूप में सूरज प्रसाद देवांगन आने वाले समय में संगठन को किस नए मुकाम पर पहुँचाते हैं। कर्मचारियों का मानना है कि यह शुरुआत है नए अध्याय की, जिसमें न केवल आवाज़ बुलंद होगी, बल्कि समाधान के ठोस कदम भी उठाए जाएंगे।

सूरज प्रसाद देवांगन की नेतृत्व यात्रा अब केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं, बल्कि उनका स्वर और सोच अब पूरे देश के कोने-कोने तक गूंजेगी।

“छत्तीसगढ़ से दिल्ली और दिल्ली से पूरे देश तक—सूरज प्रसाद देवांगन का नाम अब संगठनात्मक एकजुटता और स्वास्थ्य कर्मचारियों की मजबूत आवाज़ का पर्याय बनने जा रहा है।”

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