October 22, 2026 2:46 am

महासमुंद में मुरूम के अवैध उत्खनन पर खनिज विभाग का छापा! रामपुर स्थित शासकीय एवं निजी भूमि से मुरूम का उत्खनन चैन माउंटेन मशीन जब्त!

सड़क निर्माण के लिए खुदाई कर रही चैन माउंटेन मशीन जब्त, मौके पर मचा हड़कंप सरकारी सड़क निर्माण के बीच मुरूम उत्खनन पर कार्रवाई, रामपुर की भूमि से मशीन जब्त कर किया गया सील!

महासमुंद/ महासमुंद जिले में मुरूम के कथित अवैध उत्खनन के मामले में खनिज विभाग ने कार्रवाई करते हुए एक चैन माउंटेन मशीन को जब्त कर सील कर दिया है। ग्राम झगरेनडीह से कुशभांठा तक सड़क निर्माण के लिए रामपुर स्थित शासकीय एवं निजी भूमि से मुरूम का उत्खनन किया जा रहा था। इसी दौरान खनिज विभाग की टीम मौके पर पहुंची और उत्खनन में इस्तेमाल की जा रही मशीन को अपने कब्जे में ले लिया। कार्रवाई के बाद निर्माण कार्य में इस्तेमाल हो रहे खनिज की वैधता और उत्खनन की अनुमति को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

जिले में खनिज संपदा के संरक्षण और अवैध उत्खनन पर रोक लगाने के लिए प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार खनिज विभाग की टीम जिले में अवैध खनन एवं परिवहन के मामलों पर निगरानी रख रही है। इसी कड़ी में 21 अक्टूबर को की गई इस कार्रवाई ने सड़क निर्माण कार्यों में खनिज के उपयोग और उसके वैधानिक स्रोत की जांच को महत्वपूर्ण बना दिया है।

सड़क निर्माण के नाम पर मुरूम की खुदाई, अनुमति थी या नहीं?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम झगरेनडीह से कुशभांठा तक सड़क का निर्माण लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अंतर्गत कराया जा रहा है। इस निर्माण कार्य को दीपक अग्रवाल कम्पनी, शिवरीनारायण द्वारा किया जा रहा है। सड़क निर्माण में मुरूम की आवश्यकता होती है, लेकिन निर्माण कार्य के लिए खनिज का इस्तेमाल किए जाने का अर्थ यह नहीं है कि कहीं से भी मनमाने ढंग से उसका उत्खनन किया जा सकता है।

खनिज उत्खनन के लिए लागू नियमों के अनुरूप आवश्यक अनुमति और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया जाना जरूरी है। ऐसे में रामपुर की शासकीय एवं निजी भूमि से मुरूम निकाले जाने के मामले में यह सवाल महत्वपूर्ण है कि संबंधित भूमि से उत्खनन के लिए आवश्यक अनुमति प्राप्त थी या नहीं? यदि नियमानुसार अनुमति नहीं थी, तो उत्खनन के लिए जिम्मेदार पक्षों के विरुद्ध क्या कार्रवाई होगी?

हालांकि, उपलब्ध जानकारी में संबंधित उत्खनन की अनुमति, भूमि के स्वामित्व, उत्खनित मुरूम की मात्रा अथवा किसी संभावित आर्थिक नुकसान का विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है। इन बिंदुओं की पुष्टि विभागीय जांच और अभिलेखों के परीक्षण से ही हो सकेगी।

मौके पर पहुंची खनिज टीम, चैन माउंटेन मशीन जब्त कर सील!

मुरूम उत्खनन की सूचना और स्थल पर की गई कार्रवाई के क्रम में खनिज विभाग की टीम ने रामपुर क्षेत्र में उत्खनन के लिए इस्तेमाल की जा रही चैन माउंटेन मशीन को जब्त कर सील किया। इस कार्रवाई में खनिज अधिकारी फागुलाल नागेश, सहायक खनिज अधिकारी देवेंद्र कुमार साहू तथा विभागीय सिपाही प्रशांत कालू और मनीष ढीढी उपस्थित रहे।

मशीन की जब्ती और सीलबंदी को विभागीय कार्रवाई का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। अब आगे की प्रक्रिया में उत्खनन स्थल से संबंधित दस्तावेज, भूमि की स्थिति, खनिज की उपलब्धता, परिवहन तथा निर्माण कार्य से जुड़े अभिलेखों का परीक्षण महत्वपूर्ण होगा।

खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि मामले में आगे की कार्रवाई छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 के तहत की जाएगी। हालांकि, अभी उपलब्ध विवरण के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि सड़क निर्माण कंपनी अथवा किसी अन्य संबंधित व्यक्ति को अंतिम रूप से दोषी ठहराया जा चुका है। नियमों के उल्लंघन की प्रकृति और जिम्मेदारी का निर्धारण विभागीय जांच के बाद होगा।

शासकीय सड़क निर्माण कार्यों में खनिज के स्रोत की जांच जरूरी!

इस घटना ने सड़क निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाले मुरूम जैसे गौण खनिजों की वैध उपलब्धता और उनके स्रोत की जांच को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। सरकारी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ-साथ नियमों का पालन भी आवश्यक है। निर्माण के लिए खनिज कहां से लाया गया, किस भूमि से निकाला गया, उत्खनन की अनुमति किसके नाम पर थी और निकाले गए खनिज का उपयोग किस कार्य में किया गया—ये सभी सवाल पारदर्शिता की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।

यदि निर्माण कार्य के लिए मुरूम की आपूर्ति वैध स्रोत से की गई है, तो संबंधित दस्तावेजों के आधार पर स्थिति स्पष्ट हो सकती है। वहीं, यदि जांच में बिना आवश्यक अनुमति के उत्खनन की पुष्टि होती है, तो संबंधित नियमों के अनुसार जिम्मेदारी निर्धारित कर कार्रवाई की जा सकती है।

रामपुर की भूमि से मुरूम उत्खनन के मामले में भी इन बिंदुओं पर स्पष्टता आना आवश्यक है। इससे न केवल वर्तमान मामले की वास्तविक स्थिति सामने आएगी, बल्कि भविष्य में निर्माण कार्यों के दौरान खनिज संबंधी नियमों के पालन को लेकर भी जवाबदेही सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

अब आगे की कार्रवाई पर टिकी निगाहें!

महासमुंद में चैन माउंटेन मशीन की जब्ती और सीलबंदी के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि खनिज विभाग की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है। क्या उत्खनन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध हैं? क्या संबंधित भूमि से मुरूम निकालने की विधिवत अनुमति ली गई थी? उत्खनन की वास्तविक मात्रा कितनी है और क्या इस मामले में अन्य पक्षों की भूमिका की भी जांच की जाएगी?

इन सवालों के जवाब विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे। फिलहाल खनिज विभाग ने मशीन जब्त कर कार्रवाई की अगली प्रक्रिया शुरू करने की जानकारी दी है।

बड़ा सवाल यही है कि सरकारी सड़क निर्माण के लिए मुरूम की जरूरत पूरी करते समय खनिज संबंधी नियमों का पालन हुआ था या नहीं? इस सवाल का जवाब दस्तावेजों की जांच और निष्पक्ष कार्रवाई से सामने आना चाहिए। यदि नियमों का उल्लंघन प्रमाणित होता है, तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए; और यदि आवश्यक अनुमति मौजूद है, तो संबंधित तथ्यों को भी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया जाना चाहिए।

महासमुंद जिले में खनिज संपदा का संरक्षण, सरकारी निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और नियमों का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन के सामने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। अब जनता की नजर खनिज विभाग की आगामी कार्रवाई और जांच के निष्कर्षों पर रहेगी।

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