April 16, 2026 3:14 am

धान घोटाले का पर्दाफाश! जगदीशपुर उपार्जन केन्द्र में 8 लाख का गबन, समिति प्रभारी कुशाग्र प्रधान पर FIR दर्ज,,,,

धान घोटाले का पर्दाफाश! जगदीशपुर उपार्जन केन्द्र में 8 लाख का गबन, समिति प्रभारी कुशाग्र प्रधान पर FIR दर्ज,,,,

Mahasamund/छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था पर एक बार फिर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। किसानों की मेहनत, पसीने और भरोसे से जुड़ी धान उपार्जन प्रणाली को झकझोर देने वाला मामला महासमुंद जिले के धान उपार्जन केन्द्र जगदीशपुर से सामने आया है, जहां समिति प्रभारी कुशाग्र प्रधान पर गंभीर आर्थिक अनियमितता का आरोप सिद्ध होते ही एफ़आईआर दर्ज कर ली गई है। भौतिक सत्यापन में 650 पैकेट धान कम पाया गया, जिसकी कुल कीमत 8 लाख 6 हजार रुपये आंकी गई है। यह मामला अब जिलेभर में चर्चा का विषय बन चुका है।

धान उपार्जन केन्द्र जगदीशपुर, जो कि प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति जगदीशपुर के अंतर्गत संचालित है, वहां 21 जनवरी 2026 को एसडीएम पिथौरा श्री बजरंग वर्मा द्वारा औचक भौतिक सत्यापन किया गया। यह सत्यापन शासन के निर्देशों के तहत पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया था, लेकिन इस दौरान जो सच्चाई सामने आई, उसने पूरे प्रशासनिक तंत्र को चौंका दिया।

ऑनलाइन रिपोर्ट के अनुसार, समिति द्वारा अब तक 58,556.40 क्विंटल धान की खरीदी की गई थी। इसमें से 44,430 क्विंटल धान का उठाव हो चुका था, जबकि 14,126.40 क्विंटल धान उपार्जन केन्द्र में स्टॉक के रूप में प्रदर्शित होना चाहिए था। कागजों में सब कुछ सही दिख रहा था, लेकिन जब हकीकत की जमीन पर जांच हुई तो तस्वीर बिल्कुल अलग निकली।

समिति प्रभारी कुशाग्र प्रधान द्वारा यह जानकारी दी गई कि धान केन्द्र में 22 स्टेक पर कुल 35,316 पैकेट धान मौजूद हैं। लेकिन जब अधिकारियों ने स्वयं स्टेक की गिनती की, तो वहां केवल 34,666 पैकेट धान पाए गए। यानी 650 पैकेट धान सीधे-सीधे गायब थे। इस अंतर ने अधिकारियों को सकते में डाल दिया।

गायब धान की मात्रा कोई छोटी-मोटी नहीं थी। 650 पैकेट धान कुल 260 क्विंटल के बराबर थे, जिसकी समर्थन मूल्य पर राशि 6,15,940 रुपये बैठती है। इसके अतिरिक्त कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत देय राशि 1,90,060 रुपये भी इसमें शामिल है। इस प्रकार कुल मिलाकर 8,06,000 रुपये (आठ लाख छह हजार रुपये) का सीधा नुकसान शासन और संस्था को हुआ है।

प्रशासन ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए इसे केवल लापरवाही नहीं, बल्कि जानबूझकर किया गया कृत्य माना है। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह कार्य धान नीति 2025-26 के प्रावधानों के विरुद्ध है और इससे न केवल संस्था को आर्थिक क्षति पहुंची है, बल्कि किसानों के भरोसे पर भी गहरा आघात लगा है।

इन तथ्यों के आधार पर 23 जनवरी 2026 को बसना थाना में समिति प्रभारी कुशाग्र प्रधान के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की गई। पुलिस ने बीएनएस की धारा 316(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में ले लिया है। अब यह जांच का विषय है कि धान आखिर गया कहां, किसके संरक्षण में यह गबन हुआ और इसमें और कौन-कौन शामिल हैं।

स्थानीय किसानों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। किसानों का कहना है कि वे दिन-रात मेहनत कर फसल उगाते हैं और सरकार पर भरोसा करके धान उपार्जन केन्द्रों में अपना अनाज जमा करते हैं। लेकिन जब उन्हीं केन्द्रों पर इस तरह की हेराफेरी सामने आती है, तो किसानों का भरोसा डगमगाने लगता है। कई किसानों ने मांग की है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच हो और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।

प्रशासनिक हलकों में भी इस मामले को लेकर हलचल तेज है। सूत्रों के अनुसार, यह केवल एक केन्द्र तक सीमित मामला नहीं हो सकता। आशंका जताई जा रही है कि यदि अन्य उपार्जन केन्द्रों में भी इसी तरह का गहन भौतिक सत्यापन किया जाए, तो और भी चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। यही वजह है कि जिला प्रशासन अब अन्य समितियों पर भी नजरें टिकाए हुए है।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता के दावे कितने मजबूत हैं। करोड़ों रुपये के धान की खरीदी और उठाव के बीच यदि 8 लाख रुपये का गबन बिना किसी को भनक लगे हो सकता है, तो व्यवस्था में कहीं न कहीं बड़ी खामी जरूर है।

फिलहाल, समिति प्रभारी कुशाग्र प्रधान के खिलाफ दर्ज एफआईआर के बाद आगे की जांच जारी है। प्रशासन और पुलिस दोनों इस बात पर जोर दे रहे हैं कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। अब देखना यह है कि जांच किस दिशा में जाती है और क्या यह मामला धान खरीदी व्यवस्था में सुधार की शुरुआत बनेगा या फिर एक और फाइल बनकर रह जाएगा।

एक बात तो तय है—जगदीशपुर धान उपार्जन केन्द्र का यह मामला आने वाले दिनों में जिले की राजनीति, प्रशासन और सहकारिता व्यवस्था में बड़े सवाल खड़े करने वाला है।

Leave a Comment

और पढ़ें

Cricket Live Score

Corona Virus

Rashifal

और पढ़ें

error: Content is protected !!