March 22, 2026 3:28 pm

खल्लारी धाम रोपवे मामले में जिला कलेक्टर विनय कुमार लंगेह सख्त! हादसे में घायल 17 श्रद्धालु की हुई पुष्टि … तत्काल जांच टीम गठित दोषियों के ऊपर की जायेगी कानूनी कार्यवाही।”

खल्लारी धाम रोपवे मामले में जिला कलेक्टर विनय कुमार लंगेह सख्त! हादसे में घायल 17 श्रद्धालु की हुई पुष्टि … तत्काल जांच टीम गठित दोषियों के ऊपर की जायेगी कानूनी कार्यवाही।”

Mahasamund/छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले स्थित प्रसिद्ध आस्था केंद्र खल्लारी मंदिर में रविवार की सुबह श्रद्धा का माहौल अचानक चीख-पुकार और अफरा-तफरी में बदल गया। जहां लोग भगवान के दर्शन के लिए पहुंचे थे, वहीं एक भीषण रोप-वे हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया। इस दर्दनाक दुर्घटना में 28 वर्षीय युवती आयुषी की मौत हो गई, जबकि 16 श्रद्धालु घायल हो गए हैं।

यह हादसा न केवल प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा के दावों की भी पोल खोलता नजर आ रहा है।

कैसे हुआ हादसा: अचानक थम गया जिंदगी का सफर!

सुबह करीब 11 बजे खल्लारी मंदिर जाने वाले रोप-वे में श्रद्धालु सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सब कुछ सामान्य चल रहा था, तभी अचानक एक रोप-वे ऊपर से और एक रोप-वे नीचे से जा रही थी तभी अचानक  तकनीकी खराबी आ गई और नीचे से जो रोप-वे जा रही थी उसका कुंदा टूट गया और रोप-वे लगभग 20 फिट ऊपर से नीचे गिरा गया।

बताया जा रहा है कि रोप-वे गिरने के बाद रायपुर के राजा तालाब निवासी 28 वर्षीय आयुषी की हालत बिगड़ गई और उन्होंने अस्पताल जाते हुएं रास्ते में दम तोड़ दिया।

यह दृश्य इतना भयावह था कि वहां मौजूद लोगों के रोंगटे खड़े हो गए।

राहत और बचाव: वक्त से जंग लड़ते बचाव दल!

घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंच गई। राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर शुरू किया गया।बचाव दल ने रोप-वे में फंसे श्रद्धालुओं को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागबाहरा पहुंचाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया।

डॉक्टरों के अनुसार, 4 घायलों की हालत गंभीर है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है।घटना के दौरान हर सेकंड कीमती था और प्रशासन ने तेजी दिखाते हुए बड़ी संख्या में लोगों की जान बचा ली।

घायलों की सूची: कई परिवारों पर टूटा संकट!

अनुविभागीय अधिकारी नमिता मारकोले के अनुसार, घायलों में महासमुंद, रायपुर और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालु शामिल हैं। घायलों में प्रमुख नाम इस प्रकार हैं—

गोविंद स्वामी, नमिता स्वामी, अंशुका स्वामी (महासमुंद),

•हेमलाल नागेश्वर, रतन नागेश्वर, हेमिन, हुलसी, पूर्वी,

•टिया, अमलेश (टिकरापारा, रायपुर),

•टोमेश्वरी साहू, कुमेश साहू, हर्ष साहू (दलदल सिवनी, रायपुर)

•ऋषभ धावरे, छ्यांश, मनस्वी (राजा तालाब, रायपुर)

इन सभी का इलाज जारी है और डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।

प्रशासन अलर्ट: मौके पर डटे अधिकारी!

हादसे के बाद मौके पर प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रिय हो गया।अनुविभागीय अधिकारी नमिता मारकोले, तहसीलदार नितिन ठाकुर सहित पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद रहे।उनके द्वारा पूरे क्षेत्र को सुरक्षित कर लिया गया है और रोप-वे संचालन को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है।अधिकारियों द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी तरह की लापरवाही आगे न हो और घायलों को हर संभव सहायता मिले।

कलेक्टर का सख्त रुख: “दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा”!

जिला कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने इस घटना को अत्यंत गंभीर बताते हुए सख्त जांच के आदेश दिए हैं।

उन्होंने साफ कहा है कि—
“घायलों का इलाज हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही इस हादसे की विधिवत और विस्तृत जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

कलेक्टर के इस बयान के बाद साफ है कि प्रशासन अब इस मामले में कोई ढील नहीं बरतने वाला।

सुरक्षा पर सवाल: क्या पहले से थी लापरवाही?

इस हादसे ने खल्लारी मंदिर के रोप-वे संचालन पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं—

•क्या रोप-वे की नियमित जांच होती थी?
•क्या तकनीकी खामियों को नजरअंदाज किया गया?
•क्या श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम थे?

स्थानीय लोगों का कहना है कि रोप-वे की स्थिति को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन उन पर ध्यान नहीं दिया गया।

अब जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें!

फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन इस हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है।अब सबकी नजर प्रशासन की जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जो इस दर्दनाक हादसे की असली वजह उजागर करेगी।क्या यह सिर्फ एक तकनीकी खराबी थी या किसी की लापरवाही का नतीजा—यह आने वाला समय बताएगा।

एक सवाल, जो सबके मन में है…

क्या आस्था के सफर में अब खतरे भी साथ चलेंगे?
खल्लारी मंदिर का यह हादसा एक चेतावनी है—कि अगर समय रहते सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत नहीं किया गया, तो ऐसे हादसे फिर हो सकते हैं।

आज एक परिवार ने अपनी बेटी खो दी…
और कई परिवार अब भी अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।

खल्लारी का यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक बड़ा सबक है—जिसे नजरअंदाज करना अब भारी पड़ सकता है।

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