March 13, 2026 4:22 pm

“लिटिल बाईट आइसक्रीम में बड़ा खेल? बेलसोंडा में बदबूदार पानी से बन रही मिठास पर ग्रामीणों का हंगामा, स्वास्थ्य पर मंडराया खतरा”

“लिटिल बाईट आइसक्रीम में बड़ा खेल? बेलसोंडा में बदबूदार पानी से बन रही मिठास पर ग्रामीणों का हंगामा, स्वास्थ्य पर मंडराया खतरा”

Mahasamund /जिले के ग्राम बेलसोंडा में इन दिनों एक खाद्य उद्योग को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गांव के लोगों ने आरोप लगाया है कि यहां संचालित बिसेन फुड इंडस्ट्रीज में मानकों की अनदेखी करते हुए “लिटिल बाईट” नामक आइसक्रीम का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें कथित रूप से प्रदूषित और अस्वच्छ पानी का उपयोग किया जा रहा है। इस पूरे मामले को लेकर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से जांच की मांग करते हुए जिलाधीश को शिकायत पत्र सौंपा है।

ग्राम बेलसोंडा के निवासियों का कहना है कि जिस फैक्ट्री से बच्चों और लोगों के लिए ठंडी मिठास तैयार होनी चाहिए, वहां से दुर्गंध और गंदगी की लहरें उठ रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्ट्री परिसर से निकलने वाला गंदा और बदबूदार पानी खुले में बहाया जा रहा है, जिससे आसपास का वातावरण दूषित हो गया है। खेतों, रास्तों और बस्तियों के आसपास यह पानी फैलकर दुर्गंध फैला रहा है और लोगों का जीवन प्रभावित कर रहा है।वह पानी इतना खरनाक है कि जानवरों की जान पर खतरा मंडरा रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि “लिटिल बाईट” नाम से बनने वाली आइसक्रीम बच्चों के बीच काफी लोकप्रिय है, लेकिन यदि यह आइसक्रीम प्रदूषित पानी से बनाई जा रही है तो यह सीधे-सीधे स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। गांव के लोगों का आरोप है कि उद्योग संचालक द्वारा स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि कई बार फैक्ट्री के आसपास दुर्गंध इतनी अधिक हो जाती है कि वहां खड़ा रहना भी मुश्किल हो जाता है। गर्मी के दिनों में यह समस्या और भी बढ़ जाती है, क्योंकि गंदे पानी के कारण मक्खियों और मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थिति पूरी तरह अनहाइजीनिक है और यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ सकता है।

गांव के बुजुर्गों का कहना है कि पहले बेलसोंडा का वातावरण साफ और शांत हुआ करता था, लेकिन जब से यह उद्योग शुरू हुआ है, तब से गांव का माहौल बदल गया है। फैक्ट्री से निकलने वाले पानी और कचरे के कारण आसपास की जमीन और वातावरण प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कई बार उद्योग प्रबंधन को मौखिक रूप से शिकायत की गई, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।

इसी वजह से अब ग्रामवासियों ने सामूहिक रूप से जिला प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखने का निर्णय लिया है। ग्रामीणों ने जिलाधीश महासमुंद को दिए गए आवेदन में स्पष्ट रूप से मांग की है कि बिसेन फुड इंडस्ट्रीज की तत्काल जांच कराई जाए और यह पता लगाया जाए कि आइसक्रीम बनाने में किस प्रकार के पानी और सामग्री का उपयोग किया जा रहा है।

ग्रामीणों का यह भी कहना है कि खाद्य पदार्थों के निर्माण में स्वच्छता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए, क्योंकि इनका सीधा संबंध लोगों के स्वास्थ्य से होता है। यदि किसी प्रकार की लापरवाही बरती जाती है तो उसका परिणाम गंभीर हो सकता है। खासकर जब उत्पाद बच्चों द्वारा अधिक मात्रा में खाया जाता हो, तब उसकी गुणवत्ता और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

शिकायत पत्र में ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि फैक्ट्री में उपयोग किए जा रहे पानी और तैयार किए जा रहे खाद्य पदार्थों की सूक्ष्म जांच कराई जाए। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या मानक का उल्लंघन पाया जाता है तो उद्योग के उत्पादन को तत्काल बंद कराया जाए और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल एक उद्योग का मामला नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र के स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़ा हुआ मुद्दा है। इसलिए प्रशासन को इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए जल्द से जल्द कार्रवाई करनी चाहिए।

इस शिकायत की प्रतिलिपि खाद्य सुरक्षा अधिकारी जिला महासमुंद, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) महासमुंद तथा तहसीलदार महासमुंद को भी भेजी गई है, ताकि सभी संबंधित विभाग इस मामले को गंभीरता से लें और संयुक्त रूप से जांच कर सकें।

गांव के लोगों का कहना है कि यदि जांच में सब कुछ सही पाया जाता है तो उन्हें भी संतोष होगा, लेकिन यदि नियमों की अनदेखी हो रही है तो उसे रोकना प्रशासन की जिम्मेदारी है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन जल्द ही इस मामले में हस्तक्षेप करेगा और बेलसोंडा के लोगों को स्वच्छ वातावरण और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए उचित कदम उठाएगा।

फिलहाल पूरे क्षेत्र की नजर अब जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है। क्या “लिटिल बाईट” आइसक्रीम की मिठास के पीछे कोई कड़वी सच्चाई छिपी है, या फिर यह केवल एक भ्रम है—इसका फैसला अब जांच के बाद ही सामने आएगा। लेकिन इतना तय है कि बेलसोंडा के ग्रामीणों ने अपने स्वास्थ्य और पर्यावरण को लेकर आवाज उठाकर एक महत्वपूर्ण मुद्दे को सामने ला दिया है।

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