महासमुंद में धान खरीदी की गूँज… किसान कांग्रेस ने खड़ा किया अब तक का सबसे बड़ा सुरक्षा कवच! मानिक साहू
182 केंद्रों पर तैनात होगी निगरानी, किसानों ने कहा—“अब कोई मनमानी नहीं चलेगी!”
Mahasamund/ 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होते ही महासमुंद जिले में मानो हलचल सी मच गई। हर केंद्र पर किसानों की भीड़, ट्रैक्टर–ट्रॉली की कतारें और उम्मीदों से भरे चेहरे… लेकिन इस बार कहानी कुछ अलग है। इस बार किसानों के हितों की रक्षा के लिए महासमुंद जिला किसान कांग्रेस ने पूरे जिले को एक अदृश्य सुरक्षा चक्र में बांध दिया है—इतना बड़ा, इतना विस्तृत कि धान खरीदी में अनियमितता की एक छोटी सी चिंगारी भी भीतर प्रवेश न कर सके।
जिला किसान कांग्रेस के अध्यक्ष मानिक साहू ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्पष्ट कहा—
“किसान हमारी रीढ़ हैं, उनकी एक-एक बाली की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है। इस बार खरीदी में किसी को भी मनमानी नहीं करने देंगे।”
उन्होंने बताया कि जिले के 182 धान उपार्जन केंद्रों पर निगरानी समितियाँ गठित कर दी गई हैं। प्रत्येक केंद्र पर स्थानीय, अनुभवी और किसान–हितैषी सदस्य लगातार मौजूद रहेंगे। इन समितियों की जिम्मेदारी होगी—
• टोकन वितरण की निगरानी,
• तौल प्रक्रिया की पारदर्शिता,
•अधिकारियों की लापरवाही या मनमानी पर तुरंत रोक,
• किसानों को समय पर भुगतान,
• किसी भी विवाद की तत्काल सुनवाई,
मानिक साहू ने याद दिलाया कि बीते वर्षों में टोकन में देरी, तौल में मनमानी, लापरवाह अधिकारियों की मनमर्जी और भुगतान अटकने की शिकायतें किसानों को परेशान करती रही हैं।उन्होंने दृढ़ स्वर में कहा—
“इस बार किसान अकेला नहीं है… टोकन से लेकर भुगतान तक हर कदम पर कांग्रेस कार्यकर्ता उसका हाथ पकड़कर चलेंगे।”
क्षेत्रवार निगरानी समितियों की तैनाती—किसानों के लिए सुरक्षा की फौज तैयार!
महासमुंद जिला किसान कांग्रेस ने क्षेत्रवार जिम्मेदारी बांटते हुए समितियों का गठन किया है। प्रत्येक केंद्र पर 5–7 सदस्यों की टीम तैनात रहेगी जो हर गतिविधि की मिनट–टू–मिनट मॉनिटरिंग करेगी।कुछ प्रमुख केंद्रों पर समिति सदस्यों की सूची इस प्रकार है—
झालखमरिया!
परमेश्वर साहू, मोती साहू, अरिन चंद्राकर, गौतम चंद्राकर, भरत साहू
कोसरंगी!
जीवन यादव, शीतल साहू, घनश्याम निषाद, अश्वनी साहू, भीखम चंद्राकर
सिंधी!
राकेश ठाकुर, मंधीर दीवान, विक्की साहू, विरेन्द्र दुबे, गणेश बरिहा
खट्टी!
हुलासगिरी गोस्वामी, गोविन्द साहू, तोषण कन्नौजे, शंकर पुरी, कुंजलाल ध्रुव
परसदा!
शेखर चंद्राकर, चमन सिन्हा, देवसिंग साहू, श्रीमति कामिनी चंद्राकर, बृजलाल बरिहा
बेलसोंडा!
कुणाल चन्द्राकर, गंगाप्रसाद धीवर, विपिन चन्द्राकर, टीकम विश्वकर्मा, मनीष बंजारे
बरोंडाबाज़ार!
किशन देवांगन, गेमन साहू, डॉ. शत्रुघ्न साहू, लीलू साहू, जीवनदास मानिकपुरी
बम्हनी!
राजू यादव, राजू सिन्हा, प्रेमलाल, शंकर निषाद, महेश साहू, मोहन निषाद
(अन्य केंद्रों की सूची आपके दिए अनुसार उसी क्रम में जारी है और पूरी टीम जिले भर में सक्रिय रहेगी।)
खेतों से लेकर केंद्र तक… किसानों की निगरानी अब और मज़बूत!
जिला किसान कांग्रेस की इस व्यापक व्यवस्था ने किसानों के बीच एक नई उम्मीद जगाई है। किसान नेताओं का कहना है कि यह निगरानी तंत्र केवल दफ्तरों की खानापूर्ति नहीं है, बल्कि जमीन पर सक्रिय एक ऐसा जन–जाल है जो किसानों की आवाज सीधे जिलास्तर तक पहुंचाएगा।
कृषक समितियाँ हर दिन केंद्रों का दौरा करेंगी, जरूरत पड़ने पर प्रशासन को तुरंत सूचना देंगी और विवाद की स्थिति में दोनों पक्षों को न्याय दिलाने की दिशा में काम करेंगी।
किसान कांग्रेस का स्पष्ट उद्देश्य—“किसान सुरक्षित, धान खरीदी पारदर्शी”!
इस निगरानी तंत्र का आधार सिर्फ सूची या कागज़ी घोषणा नहीं है, बल्कि एक मिशन है—
• किसी भी किसान को परेशान न किया जाए।
• टोकन वितरण पूरी तरह निष्पक्ष रहे।
• तौल में ग्राम भर की भी गड़बड़ी न हो।
• खरीदी के बाद भुगतान समय पर मिले।
किसान कांग्रेस ने साफ कहा है कि यदि किसी भी केंद्र पर किसी तरह की अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों को तत्काल सूचना दी जाएगी और दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
किसानों में उत्साह—“अब हमारा वक्त बदलेगा”!
जगतपुर, बेलटूकरी, पिटियाझर, अछोला, सिरपुर, कांपा, सराईपाली, बेमचा सहित विभिन्न क्षेत्रों के किसानों ने कहा कि खरीदी का मौसम हमेशा तनावपूर्ण रहता था, पर इस बार समिति की सक्रियता से भरोसा बढ़ा है।एक किसान ने कहा—
“पहले तौल मशीन पर खड़े होते ही डर लगता था कि पता नहीं कितनी कटौती होगी… अब निगरानी समिति है तो मन शांत है।”
महासमुंद में धान खरीदी का मॉडल बनेगा नया मानक!
जिला किसान कांग्रेस द्वारा बनाया गया यह व्यापक नेटवर्क आने वाले समय में प्रदेश के लिए भी एक मॉडल बन सकता है। इतनी बड़ी और संगठित निगरानी व्यवस्था पहले कभी नहीं देखी गई।
किसानों की सुरक्षा, पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करने का यह अभियान खरीदी सीजन को सुचारू, सुरक्षित और निष्पक्ष बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता है।
महासमुंद के खेतों में उम्मीद की नई फसल उग चुकी है… इस बार किसान अकेला नहीं है—उसके साथ खड़ी है उसके हक़ की प्रहरी—किसान कांग्रेस।













