September 19, 2026 11:25 am

“चन्द्रनाहु क्षत्रिय कुर्मी समाज में बदलाव की बयार – घूँचापाली उपक्षेत्र की कमान संभालेंगे रमेश चंद्राकर”!

“चन्द्रनाहु क्षत्रिय कुर्मी समाज में बदलाव की बयार – घूँचापाली उपक्षेत्र की कमान संभालेंगे रमेश चंद्राकर”!

Bagbahra/बागबाहरा के सुनसुनिया के सामाजिक भवन में रविवार का दिन चन्द्रनाहु क्षत्रिय कुर्मी समाज के लिए ऐतिहासिक बन गया। समाज की एकजुटता और संगठन की शक्ति का अद्भुत नज़ारा उस समय देखने को मिला जब घूँचापाली उपक्षेत्र के अध्यक्ष पद की बागडोर सर्वसम्मति से रमेश चंद्राकर के हाथों सौंपी गई। रमेश चंद्राकर पूर्व में भी अध्यक्ष रह चुके है।इस निर्वाचन में समाज के हर वर्ग की भागीदारी ने इसे केवल एक चुनाव नहीं, बल्कि सामाजिक एकता के उत्सव का रूप दे दिया।

समाज का महासंगम – उम्मीदों की नई उड़ान!
निर्वाचन के दौरान हॉल में गूंजती जयकारों और तालियों की गड़गड़ाहट ने स्पष्ट कर दिया कि यह महज पदों का बंटवारा नहीं, बल्कि समाज की दिशा और दशा तय करने वाला फैसला है। रमेश चंद्राकर को अध्यक्ष चुने जाने के साथ ही उनके समर्थकों ने उन्हें फूल-मालाओं से सम्मान दिया।

नए चेहरे, नई सोच – युवा नेतृत्व का उदय!
इस बार के निर्वाचन में समाज ने अनुभव और युवाओं का संतुलन साधा। उपाध्यक्ष पद पर इंद्रजीत चंद्राकर और भुनेश्वर चंद्राकर (राजू) की मौजूदगी ने संगठन को मजबूती दी है। वहीं सचिव पद पर बालेश्वर चंद्राकर और कोषाध्यक्ष के रूप में मनीष चंद्राकर के चयन ने प्रशासनिक दक्षता को मजबूती प्रदान की।

युवा समाज की ऊर्जा को दिशा देने के लिए प्रखर चंद्राकर को युवा कुर्मी समाज का अध्यक्ष चुना गया। उनके साथ संगठन मंत्री मोगेश चंद्राकर और हरीश चंद्राकर के चयन ने यह संदेश दिया कि समाज अब भविष्य की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है।

महिला शक्ति की दमदार उपस्थिति!
संगठन में इस बार महिलाओं की उपस्थिति ने चुनाव को खास बना दिया। रुखमणि चंद्राकर और श्रद्धा चंद्राकर को समाज की महिला सदस्य के रूप में मनोनीत कर यह साबित किया गया कि महिला शक्ति के बिना कोई भी संगठन अधूरा है। इस अवसर पर महिलाओं ने भी मंच से समाज की प्रगति और शिक्षा पर जोर देते हुए अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।

न्याय, शिक्षा और ट्रस्ट समिति की नई जिम्मेदारियां!
समाज के निर्णयों और नीतियों को सही दिशा देने के लिए नरेश चंद्राकर को न्याय समिति में जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं शिक्षा को समाज की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए भीमसेन चंद्राकर को शिक्षण समिति का दायित्व दिया गया। ट्रस्ट कमेटी की बागडोर रवि चंद्राकर को सौंपकर संगठन ने सामाजिक गतिविधियों और योजनाओं को और अधिक व्यवस्थित करने की नींव रखी।

निर्वाचन अधिकारी की भूमिका!
इस चुनाव को सफल और निष्पक्ष बनाने में निर्वाचन अधिकारी देवेंद्र चंद्राकर की भूमिका सराहनीय रही। उन्होंने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और अनुशासित तरीके से संपन्न कराया, जिससे किसी प्रकार का विवाद खड़ा नहीं हुआ। उनकी निष्पक्षता ने समाज के लोगों के विश्वास को और मजबूत किया।

जनता की अपेक्षाएं – विकास और एकता की राह!
नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती है समाज में शिक्षा, रोजगार और एकजुटता को बढ़ावा देना। ग्रामीण अंचल से आए प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में समाज के उत्थान • हेतु कई ठोस कदम उठाए जाएंगे।

• युवाओं के लिए रोजगार प्रशिक्षण शिविर,

• महिलाओं के लिए स्व-सहायता समूहों को मजबूती,

• बच्चों के लिए शिक्षा सहायता निधि,

• समाज भवन के विस्तार और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन,

वातावरण में उत्साह और उम्मीद!
चुनाव के बाद समाज के लोगों में जबरदस्त उत्साह देखा गया। उपस्थित बुजुर्गों ने कहा – “यह केवल पद का बदलाव नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य का संकल्प है।” वहीं युवाओं ने संकल्प लिया कि वे अपने गांव-समाज की तरक्की में हरसंभव योगदान देंगे।

बागबाहरा का यह दिन समाज के इतिहास में सुनहरे अक्षरों से दर्ज हो गया है। रमेश चंद्राकर और उनकी टीम के चयन के साथ ही घूँचापाली उपक्षेत्र में विकास और एकता की नई गाथा लिखी जाने की उम्मीद जग चुकी है। जिस तरह इस चुनाव में हर वर्ग की भागीदारी रही, उससे यह साफ है कि आने वाले दिनों में समाज और अधिक सशक्त, जागरूक और प्रगतिशील होगा।

यह चुनाव सिर्फ नेताओं का नहीं, बल्कि पूरे समाज का था। और यह समाज अब एकजुट होकर आगे बढ़ने को तैयार है – “एकता में शक्ति है, और शक्ति में ही विकास का भविष्य छिपा है।”

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