रायपुर में तिरंगे का महासैलाब! हाथ में राष्ट्रध्वज लेकर मुख्यमंत्री साय चले हजारों कदम—गूंजा ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ का संकल्प तीन रंगों में रंगी राजधानी, भारत माता के जयघोष से गूंजा रायपुर!
एक किलोमीटर लंबे तिरंगे ने खींचा सबका ध्यान, बच्चों से बुजुर्गों तक उमड़ा देशभक्ति का सैलाब मुख्यमंत्री बोले—तिरंगा सिर्फ ध्वज नहीं, 140 करोड़ भारतीयों की एकता, अखंडता और स्वाभिमान का प्रतीक!
वीर नारायण सिंह और गुण्डाधुर की शौर्यगाथा को किया नमन, बदलते बस्तर में शांति और विकास के साथ लहराएगा तिरंगा
रायपुर। राजधानी रायपुर ने सोमवार को ऐसा दृश्य देखा, जिसने देशभक्ति की भावना को मानो सड़कों पर उतार दिया। हाथों में तिरंगा, जुबां पर भारत माता की जय, वातावरण में गूंजते देशभक्ति के गीत और कदम-कदम पर उमड़ता राष्ट्रप्रेम—राजधानी का पूरा माहौल तिरंगामय नजर आया। बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम से सुभाष स्टेडियम तक निकली भव्य तिरंगा यात्रा में हजारों नागरिकों ने हिस्सा लेकर राष्ट्र के प्रति अपने सम्मान और समर्पण का संदेश दिया।
इस ऐतिहासिक दृश्य का सबसे बड़ा आकर्षण तब बना, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वयं हाथ में तिरंगा थामा और हजारों नागरिकों के साथ कदम से कदम मिलाकर यात्रा का नेतृत्व किया। मुख्यमंत्री के साथ युवाओं, महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों, पूर्व सैनिकों और समाज के विभिन्न वर्गों के नागरिकों का विशाल हुजूम आगे बढ़ता रहा।
सड़क के दोनों ओर तिरंगे ही तिरंगे नजर आ रहे थे। कहीं भारत माता की जय के नारे गूंज रहे थे तो कहीं वंदे मातरम् और झंडा ऊंचा रहे हमारा के उद्घोष से पूरा वातावरण देशभक्ति में डूबा दिखाई दिया।
जब मुख्यमंत्री ने थामा तिरंगा, बढ़ गया कारवां!
तिरंगा यात्रा जैसे ही आगे बढ़ी, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय भी आम नागरिकों के बीच शामिल हो गए। हाथ में राष्ट्रीय ध्वज और चेहरे पर आत्मविश्वास के साथ मुख्यमंत्री का हजारों लोगों के बीच चलना यात्रा का प्रमुख आकर्षण रहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “तिरंगा हमारी आन, बान और शान है।” यह केवल राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि भारत की एकता, अखंडता, स्वाभिमान और असंख्य बलिदानों का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि देश की अलग-अलग भाषाएं, संस्कृतियां, परंपराएं और क्षेत्र भले ही अलग हों, लेकिन तिरंगा प्रत्येक भारतीय को एक सूत्र में बांधता है। 140 करोड़ भारतीयों को एक साझा पहचान और गौरव से जोड़ने की शक्ति तिरंगे में है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तिरंगा लहराते ही हर भारतीय के भीतर राष्ट्र के प्रति गौरव और सम्मान की भावना स्वतः जागृत होती है। यह ध्वज स्वतंत्रता आंदोलन के संघर्ष, स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और भारत की गौरवशाली यात्रा का साक्षी रहा है।
एक किलोमीटर का तिरंगा बना आकर्षण का केंद्र!
तिरंगा यात्रा में स्कूली छात्र-छात्राओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। विद्यार्थियों ने लगभग एक किलोमीटर लंबे तिरंगे को अपने हाथों में थामकर अनुशासित ढंग से यात्रा में भाग लिया।
दूर तक सड़क पर फैला विशाल तिरंगा जब हजारों विद्यार्थियों के हाथों में लहराया तो राजधानी का दृश्य देखते ही बन रहा था। ऐसा लगा मानो रायपुर की सड़कों पर तिरंगे की विशाल लहर दौड़ रही हो।
बच्चों के चेहरों पर उत्साह था, युवाओं में जोश था और बुजुर्गों के चेहरे पर गौरव की अनुभूति साफ दिखाई दे रही थी।
पुष्पवर्षा से स्वागत, नारों से गूंज उठा रायपुर!
तिरंगा यात्रा के मार्ग में जगह-जगह नागरिकों ने यात्रा का स्वागत किया। कई स्थानों पर पुष्पवर्षा की गई। घरों और दुकानों से नागरिकों ने तिरंगा लहराकर यात्रा में शामिल लोगों का अभिनंदन किया।
जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ती गई, भीड़ और उत्साह दोनों बढ़ते गए। ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम्’, ‘झंडा ऊंचा रहे हमारा’ जैसे नारों से राजधानी का वातावरण गूंजता रहा।
बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम से लेकर सुभाष स्टेडियम तक मानो तिरंगे की चादर बिछ गई थी।
“आजादी हमें आसानी से नहीं मिली”!
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि आज जिस स्वतंत्र भारत में हम सम्मान और स्वाभिमान के साथ जीवन जी रहे हैं, वह आजादी सहज रूप से प्राप्त नहीं हुई।
इसके पीछे लाखों देशवासियों का संघर्ष, त्याग, तपस्या और बलिदान जुड़ा हुआ है। असंख्य वीरों ने मातृभूमि के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई पीढ़ी को स्वतंत्रता के वास्तविक मूल्य को समझना होगा। आजादी के संघर्ष की कहानियां और स्वतंत्रता सेनानियों की गौरवगाथाएं युवाओं तक पहुंचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि तिरंगा हमें ज्ञात-अज्ञात सभी स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान की याद दिलाता है और युवाओं के भीतर ‘राष्ट्र प्रथम’ का भाव मजबूत करता है।
वीर नारायण सिंह और गुण्डाधुर को नमन!
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम के महानायकों को याद करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती वीरों और बलिदानियों की धरती रही है।
उन्होंने शहीद वीर नारायण सिंह को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों में गरीबों और जरूरतमंदों के हित में आवाज उठाई तथा अंग्रेजी हुकूमत के अन्याय के विरुद्ध संघर्ष किया।
वहीं बस्तर के महान जननायक गुण्डाधुर की शौर्यगाथा का स्मरण करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने विदेशी शासन के विरुद्ध जनजातीय समाज को संगठित कर संघर्ष का बिगुल फूंका।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर नारायण सिंह, गुण्डाधुर सहित छत्तीसगढ़ के अनेक ज्ञात-अज्ञात सेनानियों की शौर्यगाथा प्रदेश के गौरवशाली इतिहास का अभिन्न हिस्सा है।
बदलते बस्तर में अब भय नहीं, विकास की पहचान!
मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर का उल्लेख करते हुए कहा कि बस्तर अब हिंसा और भय के लंबे दौर को पीछे छोड़कर शांति, विश्वास और विकास की नई राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के साहस, सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और बस्तरवासियों के सहयोग से नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई निर्णायक दौर में पहुंची है।
जिन क्षेत्रों में कभी हिंसा के कारण भय का वातावरण रहता था, वहां अब सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि बदलते बस्तर की पहचान अब हिंसा से नहीं बल्कि शांति, विकास, विश्वास और नई संभावनाओं से बन रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष बस्तर के गांवों और दूरस्थ अंचलों में भी स्वतंत्रता दिवस उत्साह से मनाया जाएगा और तिरंगा पूरे गौरव के साथ लहराएगा।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव बोले—तिरंगा बलिदानियों के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक!
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर तिरंगा’ और ‘तिरंगा यात्रा’ के आह्वान ने राष्ट्रभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि तिरंगा उन स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्रनायकों के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है, जिनके त्याग और बलिदान से देश स्वतंत्र हुआ।
उन्होंने कहा कि रायपुर के कोने-कोने से युवाओं का तिरंगा यात्रा में शामिल होना इस बात का प्रमाण है कि नई पीढ़ी के हृदय में राष्ट्रप्रेम की भावना मजबूत है।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा—तिरंगा यात्रा राष्ट्रभक्ति की सामूहिक अभिव्यक्ति!
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि तिरंगा राष्ट्रीय अस्मिता, गौरव और एकता का प्रतीक है। तिरंगा यात्रा केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि देश के प्रति सम्मान और राष्ट्रभक्ति की सामूहिक अभिव्यक्ति है।
उन्होंने प्रदेशवासियों से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों में सम्मान के साथ तिरंगा फहराने और ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से उत्साहपूर्वक जुड़ने का आह्वान किया।
एक स्वर में उठा संदेश—भारत एक है, भारत श्रेष्ठ है!
तिरंगा यात्रा का कारवां जब सुभाष स्टेडियम की ओर बढ़ा तो रायपुर की सड़कें देशभक्ति के रंग में डूबी नजर आईं। हजारों हाथों में लहराते तिरंगे, देशभक्ति के गीत, भारत माता के जयघोष और युवाओं के जोश ने राजधानी में ऐसा माहौल बना दिया, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
यह सिर्फ एक यात्रा नहीं थी। यह राष्ट्र के प्रति सम्मान, स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति कृतज्ञता और राष्ट्रीय एकता के संकल्प की सामूहिक अभिव्यक्ति बन गई।
तिरंगे के नीचे एकत्र जनसैलाब ने मानो एक ही संदेश दिया—
“भारत एक है, भारत श्रेष्ठ है और राष्ट्र सर्वोपरि है।”
तिरंगा लहराता रहा, जयघोष गूंजता रहा और रायपुर की धरती से देशभक्ति का संदेश दूर तक जाता रहा।
















