फोन की घंटी बजी… दूसरी तरफ से बरसीं गालियां! महासमुंद आदिवासी जनपद अध्यक्ष पति को जान से मारने की धमकी का आरोप, पंचायत सचिव के खिलाफ BNS की धाराओं में अपराध दर्ज!
महासमुंद जनपद पंचायत परिसर में स्पीकर पर हुई कथित गाली-गलौज से मचा हड़कंप, पुलिस जांच में आरोपों की पुष्टि का दावा!
महासमुंद।जिले में पंचायत प्रशासन से जुड़े एक मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया, जब महासमुंद जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दिशा दीवान के पति रामस्वरूप दीवान ने ग्राम पंचायत खट्टा के पंचायत सचिव द्वारिका निषाद द्वारा मोबाइल फोन के माध्यम से अश्लील गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया। शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच की और जांच के दौरान गवाहों के बयान लेने के साथ उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया। पुलिस जांच प्रतिवेदन के अनुसार, शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296 और 351(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।
मामला पुलिस अधीक्षक कार्यालय महासमुंद से संबंधित शिकायत क्रमांक महा/शिशा/MSD-197/M-7734-A/2026, दिनांक 02 सितंबर 2026 से जुड़ा बताया गया है।शिकायत की जांच महासमुंद थाने में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक द्वारा की गई। जांच के दौरान शिकायतकर्ता रामस्वरूप दीवान सहित ग्राम खट्टा सरपंच राजकमल पटेल, गिरीश कुमार नायक और लवेश ढीढी से पूछताछ कर उनके कथन लिए गए।
खट्टा सरपंच के मोबाइल पर आया फोन और फिर शुरू हुई कथित गाली- गलौज!
शिकायतकर्ता रामस्वरूप दीवान के अनुसार घटना 31 अगस्त 2026 को दोपहर लगभग 3:26 बजे की है। उनका कहना है कि उस समय वे जनपद पंचायत महासमुंद परिसर में सार्वजनिक स्थान पर मौजूद थे। उनके साथ ग्राम के सरपंच, उपसरपंच, कार्यकर्ता तथा अन्य लोग भी मौजूद थे।
“महासमुंद जनपद अध्यक्ष पति रामस्वरूप दीवान”
शिकायत के मुताबिक, इसी दौरान ग्राम पंचायत खट्टा के पंचायत सचिव द्वारिका निषाद ने अपने मोबाइल नंबर से ग्राम पंचायत खट्टा के सरपंच राजकमल पटेल के मोबाइल नंबर पर फोन किया और रामस्वरूप दीवान से बात कराने को कहा। जैसे ही फोन रामस्वरूप दीवान को दिया गया, दोनों के बीच बातचीत कथित रूप से विवाद में बदल गई।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि विकास कार्यों से संबंधित असहमति को लेकर पंचायत सचिव ने फोन पर उनके साथ बेहद आपत्तिजनक और अश्लील भाषा का इस्तेमाल किया। शिकायत में कथित गाली-गलौज के कई शब्दों और आपत्तिजनक टिप्पणियों का उल्लेख किया गया है।
‘तुमगांव से निकलते ही…’ धमकी के आरोप से बढ़ी गंभीरता!
मामले को और गंभीर तब बताया गया जब शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि कथित गाली-गलौज के बाद उन्हें रास्ते में रोककर मारपीट करने और जान से मारने की धमकी भी दी गई।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्हें कथित तौर पर धमकी दी गई कि तुमगांव से निकलते ही उन्हें रास्ते में रोककर इतना मारा जाएगा कि उनकी जान निकल जाएगी। शिकायत में यह भी कहा गया है कि उनके साथ मौजूद लोगों को उनके साथ वापस नहीं आने की बात कही गई।
रामस्वरूप दीवान ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि इस कथित धमकी के बाद वे भयभीत हो गए और उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता हुई। उन्होंने पूरे मामले में तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग की।
मोबाइल के स्पीकर पर थी बातचीत? कई लोगों ने सुनी कथित बातचीत!
शिकायत में एक महत्वपूर्ण बात यह भी सामने आई कि फोन कॉल के दौरान मोबाइल का स्पीकर ऑन था। शिकायतकर्ता का दावा है कि बातचीत की रिकॉर्डिंग भी हुई। उनके मुताबिक, उस समय उनके आसपास ग्राम पंचायत खट्टा के सरपंच राजकमल पटेल, गिरीश कुमार नायक, लवेश ढीढी सहित तीन-चार अन्य लोग मौजूद थे, जिन्होंने कथित बातचीत सुनी।
यही कारण है कि पुलिस जांच में इन लोगों के बयान लिए गए। पुलिस जांच प्रतिवेदन में बताया गया है कि शिकायतकर्ता और गवाहों से पूछताछ की गई तथा शिकायत से संबंधित तथ्यों का परीक्षण किया गया।
महासमुन्द पुलिस जांच में क्या सामने आया?
पुलिस द्वारा तैयार जांच प्रतिवेदन के अनुसार, शिकायत की जांच के दौरान यह पाया गया कि अनावेदक द्वारिका निषाद द्वारा अपने मोबाइल नंबर 8839081616से मोबाइल नंबर 9399101043, जो राजकमल पटेल के नाम से बताया गया है, पर फोन किया गया और उस माध्यम से आवेदक रामस्वरूप दीवान के साथ कथित रूप से अश्लील गाली-गलौज तथा जान से मारने की धमकी दी गई।
जांच प्रतिवेदन में पुलिस ने आरोपी के कृत्य को भारतीय न्याय संहिता की धारा 296 एवं 351(2)के अंतर्गत अपराध घटित होना पाए जाने का उल्लेख किया है। इसके बाद अपराध पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लिया गया।
पंचायत सचिव पर लगे आरोपों से प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा!
ग्राम पंचायत स्तर पर पदस्थ पंचायत सचिव के खिलाफ इस तरह की पुलिस कार्रवाई सामने आने के बाद पंचायत और प्रशासनिक क्षेत्र में भी मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। मामला केवल दो व्यक्तियों के बीच विवाद तक सीमित नहीं दिखाई देता, क्योंकि शिकायत में जनपद पंचायत परिसर, पंचायत प्रतिनिधियों की मौजूदगी और कथित धमकी का उल्लेख किया गया है।
हालांकि, किसी भी आरोपी के खिलाफ लगे आरोपों का अंतिम सत्य न्यायिक प्रक्रिया और विवेचना के परिणाम से ही निर्धारित होगा। पुलिस द्वारा अपराध दर्ज किया जाना आरोपों की जांच की शुरुआत है; इसे अंतिम दोषसिद्धि नहीं माना जा सकता।
अब जांच की अगली कड़ी पर नजर!
शिकायतकर्ता ने पुलिस से तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग की है और कथित बातचीत की रिकॉर्डिंग/सीडी उपलब्ध होने की बात भी आवेदन में कही है। ऐसे में विवेचना के दौरान कॉल रिकॉर्ड, उपलब्ध ऑडियो रिकॉर्डिंग, मोबाइल से संबंधित तकनीकी साक्ष्य तथा गवाहों के बयान महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
महासमुंद में पंचायत स्तर से जुड़ा यह विवाद अब पुलिस रिकॉर्ड में पहुंच चुका है। एक तरफ शिकायतकर्ता द्वारा सार्वजनिक स्थान पर कथित गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी का आरोप लगाया गया है, वहीं पुलिस ने जांच के बाद संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आगे की जांच में कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं और पुलिस विवेचना किस निष्कर्ष तक पहुंचती है।
जनपद अध्यक्ष पति रामस्वरूप दीवान द्वारा जिला प्रशासन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को पत्र के माध्यम से ग्राम पंचायत खट्टा सचिव द्वारिका निषाद के खिलाफ शिकायत किया जा चुका है अब देखना है कि जिला प्रशासन क्या विभागीय कार्यवाही करता है












