“कलेक्टर के दरवाजे पर SIR की दस्तक: बीएलओ की घर-घर मुहिम ने बढ़ाई हलचल, महासमुंद में मतदाता जागरण की नई लहर!”
Mahasamund/महासमुंद जिले में लोकतंत्र की धड़कन एक बार फिर तेज हो गई है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण Special Intensive Revision (SIR) ने पूरे जिले में ऐसी हलचल मचा दी है, जैसे चुनाव कल ही होने वाले हों। 4 नवंबर से शुरू इस महाअभियान ने गांव से शहर तक प्रशासन की सक्रियता और जनता की जागरूकता को एक नए स्तर पर ला खड़ा किया है।
सबसे दिलचस्प नज़ारा आज सुबह देखने को मिला, जब बीएलओ टीम सीधे जिले के शीर्ष अधिकारी के घर जा पहुंची। कलेक्टर विनय लंगेह के सरकारी निवास पर अचानक हुई इस दस्तक ने सुबह-सुबह माहौल में सजगता और उत्सुकता दोनों बढ़ा दी।
ग्राम पंचायत मचेवा से पहुंची टीम में बीएलओ योजना यादव, सरपंच श्रीमती प्रमिला ध्रुव, उप सरपंच जितेंद्र साहू, पंचायत प्रतिनिधि किशोर ध्रुव, और पंच शिव साहू शामिल थे। यह वही टीम है जो पिछले कई दिनों से गांव-गांव, घर-घर जाकर मतदाताओं को जागरूक कर रही है और यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि एक भी पात्र नागरिक सूची से न छूटे।
आज कलेक्टर निवास पर पहुंचकर उन्होंने विनय लंगेह को गणना प्रपत्र और घोषणा पत्र सौंपे, जैसा वे हर घर में कर रहे हैं। कलेक्टर ने मुस्कुराते हुए प्रपत्र ग्रहण किए और टीम से आवश्यक विवरण साझा किया। इस दौरान बीएलओ टीम ने भी सभी जरूरी जानकारी संकलित की। कलेक्टर का कहना था कि यह अभियान न सिर्फ प्रशासनिक कार्य, बल्कि लोकतांत्रिक कर्तव्य है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की सहभागिता अनिवार्य है।
महासमुंद जिले में कुल 8 लाख 86 हजार 422 पंजीकृत मतदाता हैं, और इनकी सूची को अद्यतन करने की जिम्मेदारी बीएलओ के कंधों पर है। चारों विधानसभा क्षेत्रों में यह अभियान पूरी ऊर्जा के साथ चल रहा है। बीएलओ न सिर्फ गणना प्रपत्र वितरित कर रहे हैं, बल्कि पात्र मतदाताओं के दस्तावेज भी साथ में जुटा रहे हैं, ताकि प्रक्रिया तेज और सुचारू रूप से पूरी हो सके।
यह पुनरीक्षण अभियान हर वर्ष होता है, लेकिन इस बार इसका दायरा और गंभीरता दोनों अधिक हैं। भारत निर्वाचन आयोग के आदेश पर जिले में ERO और AERO स्तर के अधिकारी लगातार फील्ड की निगरानी कर रहे हैं। मतदान केंद्र स्तर पर प्रत्येक गतिविधि की मॉनिटरिंग हो रही है। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी वार्डों तक, बीएलओ सक्रियता के साथ कार्य में जुटे हुए हैं।
आज कलेक्टर के घर हुई कार्रवाई ने सामान्य लोगों को यह संदेश भी दिया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण किसी एक वर्ग के लिए नहीं, बल्कि सभी के लिए अनिवार्य है। चाहे अधिकारी हो या आम नागरिक, सबको अपने दस्तावेज और विवरण अद्यतन कराना ही है।
जिले के कई हिस्सों में लोग बीएलओ के आने का इंतजार कर रहे हैं। कई स्थानों पर लोग स्वयं दस्तावेज लेकर पंचायत भवन या वार्ड कार्यालय भी पहुंच रहे हैं। सोशल मीडिया और स्थानीय व्हाट्सऐप ग्रुपों पर भी SIR अभियान की जानकारी तेजी से फैल रही है।
अभियान के इस चरण का मुख्य उद्देश्य तीन बातों को सुनिश्चित करना है:
•नया नाम जुड़वाने वाले पात्र नागरिक छूटे नहीं।
•मृत व्यक्तियों के नाम सूची से हटाए जाएं।
•स्थान परिवर्तन या सुधार की जरूरत वाले नाम सही संशोधित हों।
कलेक्टर विनय लंगेह ने भी अपील करते हुए कहा है कि जिले का हर पात्र नागरिक इस महत्त्वपूर्ण प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाए। उनका कहना है कि मतदाता सूची में नाम का होना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की पहली सीढ़ी है और इसके बिना नागरिक मतदान का अधिकार नहीं पा सकता। इसलिए इस अभियान के दौरान लोग अपने घर पहुंच रहे बीएलओ को पूरा सहयोग दें और आवश्यक कागजात तैयार रखें।
कई गांवों में बुजुर्गों ने बीएलओ के प्रयासों की सराहना की है। एक बुजुर्ग मतदाता ने बताया कि वर्षों बाद पहली बार ऐसा हुआ कि अधिकारी उनका विवरण लेने स्वयं घर पहुंचे। कई युवाओं ने भी इस अभियान को लेकर उत्साह व्यक्त किया है। कुछ ने तो यहां तक कहा कि यह अभियान चुनाव जैसे अवसरों की तैयारी का शुरुआती संकेत है।
महासमुंद जिले में SIR अभियान अगले कुछ दिनों तक और भी तेज़ गति से चलेगा। बीएलओ टीमें विशेष रूप से उन घरों पर ध्यान दे रही हैं जहां पहले अधिकारी नहीं पहुंच पाए थे।
आज की सबसे खास बात यही रही कि जिला प्रशासन ने उदाहरण पेश करते हुए बताया कि चाहे पद कितना ही ऊंचा क्यों न हो, लोकतंत्र की प्रक्रिया के सामने सभी बराबर हैं। मतदान सूची में नाम सही दर्ज हो, यही सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
आखिर में कलेक्टर ने सरल और स्पष्ट शब्दों में कहा:
“लोकतंत्र की ताकत मतदाता है, और मतदाता की ताकत मतदाता सूची में दर्ज उसका नाम। इसलिए सभी सहयोग करें और जिम्मेदारी निभाएं।”
यह संदेश पूरे जिले में फैल रहा है। बीएलओ की दस्तक अब सिर्फ कागज भरवाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतंत्र की नई चेतना की दस्तक बन चुकी है।













