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August 29, 2025 5:31 pm

“मध्य प्रदेश डूबने की कगार पर:22 जिलों में मूसलधार बारिश का तांडव, स्कूल बंद – अलर्ट पर प्रशासन”मानो आसमान फट पड़ा हो!

“मध्य प्रदेश डूबने की कगार पर:22 जिलों में मूसलधार बारिश का तांडव, स्कूल बंद – अलर्ट पर प्रशासन”मानो आसमान फट पड़ा हो!

Madhya Pradesh/मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। साइक्लोनिक सर्कुलेशन और लो प्रेशर एरिया के चलते अगले चार दिन तक बादल प्रदेश पर कब्जा जमाए रहेंगे। मौसम विभाग ने चेतावनी देते हुए कहा है कि आने वाले 48 घंटे बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं। जबलपुर, सागर, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग पर आसमान से आफत बरसने वाली है।

आज सोमवार को 22 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। यानी अगले 24 घंटे में 8 इंच से भी ज्यादा पानी गिर सकता है। निचले इलाकों में खतरे की घंटी बज चुकी है और प्रशासन को स्कूल तक बंद करने पड़े हैं।

“चारों तरफ जल ही जल…”
भिंड, मुरैना, श्योपुर और शिवपुरी जैसे जिले तो मानो नदियों में तब्दील हो चुके हैं। बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं। सड़कों पर तेज बहाव है, कई गांवों का संपर्क टूट चुका है। श्योपुर में तो हालात इतने बिगड़े कि एक गर्भवती महिला को बोट से अस्पताल ले जाना पड़ा। सतना के निचले इलाकों में घरों में पानी भर गया, लोग छतों पर शरण लेने को मजबूर हो गए।प्रदेश में रविवार को 30 जिलों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हुई। सबसे ज्यादा पौन इंच बारिश उमरिया में हुई। इसके अलावा भोपाल, बैतूल, दतिया, गुना, ग्वालियर, सीहोर, शाजापुर, राजगढ़,विदिशा, देवास, इंदौर, नर्मदापुरम, रतलाम, शिवपुरी, उज्जैन, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, छतरपुर, रीवा, सागर, हरदा, मंडला, मुरैना, श्योपुर, सतना, सीधी, टीकमगढ़, बालाघाट समेत कई जिलों में भी हल्की बारिश जारी रही।

नर्मदापुरम जिले का तवा डैम भी तेज बरसात की मार झेल रहा है। गेट खोलने पड़े ताकि अतिरिक्त पानी बहाया जा सके। जैसे-जैसे डैम का जलस्तर बढ़ता है, वैसे-वैसे लोगों के चेहरों पर चिंता भी बढ़ रही है।

आसमान से बरसता कहर और बिजली का खतरा”!
बादलों की गर्जना और बिजली की चमक ने डर को दोगुना कर दिया है। कई जिलों में तेज गर्जन के साथ बिजली गिरने की घटनाएं दर्ज की जा रही हैं। मौसम विभाग ने साफ कहा है कि अगले घंटों में बाहर निकलना खतरनाक हो सकता है। लोग पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूर रहें।

“प्रदेश भीग चुका, आंकड़े चौंकाने वाले”!
मानसून ने 16 जून को दस्तक दी थी और तब से लेकर अब तक प्रदेश में औसतन 35.1 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है, जबकि सामान्य आंकड़ा 28.3 इंच का था। इसका मतलब है कि लगभग 7 इंच ज्यादा पानी बरस चुका है। सामान्यत: पूरे सीजन में 37 इंच बारिश होती है, लेकिन इस बार सिर्फ अगस्त तक ही 95% बारिश हो चुकी है।

इस तेज बरसात ने खेत- खलिहानों को पानी से भर दिया है। किसानों के लिए अच्छी खबर यह है कि खेतों में नमी की कमी दूर हो चुकी है, लेकिन वहीं सब्ज़ियों और कुछ फसलों पर ज्यादा बारिश का नुकसान भी सामने आ सकता है।

“मौसम विभाग का पूर्वानुमान – ये तो बस शुरुआत है!”

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर मध्य प्रदेश और आसपास बने निम्न दबाव क्षेत्र की वजह से ये बरसाती तांडव जारी है। यह सिस्टम 7.6 किलोमीटर ऊँचाई तक सक्रिय है। ऊपरी हवा का चक्रवात भी इसका असर और खतरनाक बना रहा है। आने वाले 48 घंटों में ओडिशा और बंगाल की खाड़ी से एक और नया सिस्टम एक्टिव होगा। यानी बारिश का सिलसिला फिलहाल रुकने वाला नहीं।

वैज्ञानिकों ने साफ चेतावनी दी है कि ग्वालियर, चंबल, बुंदेलखंड और महाकौशल क्षेत्र के लोग सतर्क रहें। अगले 48 घंटों तक नदी-नालों के किनारे रहना खतरनाक साबित हो सकता है।

“स्कूल बंद, प्रशासन हाई अलर्ट पर”!
कई जिलों में प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज़ से बच्चों को बारिश से बचाने के लिए स्कूलों में छुट्टी कर दी है। वहीं निचले इलाकों में बसाहट वाले लोगों से सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की गई है। राहत और बचाव दल अलर्ट मोड पर हैं। बाढ़ नियंत्रणकक्ष सक्रिय कर दिए गए हैं।

बारिश की मार झेलता आमजन”!

•श्योपुर – गर्भवती महिला को बोट से अस्पताल ले जाया गया।

•सतना – बस्तियों में पानी घुसा, लोग घर छोड़ने को मजबूर।

•मुरैना-भिंड – गाँव-गाँव तक पहुँचने का रास्ता टूटा, सड़कों पर नदियों जैसा दृश्य।

•नर्मदापुरम – तवा डैम से पानी छोड़े जाने के बाद तटीय इलाकों में खतरे की घंटी।

“लोग कह रहे – बारिश या तबाही?”
इधर आम जनता दहशत में है। खेतों में खड़े किसान चिंतित हैं – कहीं पानी फसलों को नुकसान न पहुँचा दे। वहीं शहरों में रहने वाले लोग बुरी तरह परेशान हैं – जलभराव, जाम, और बिजली कटौती ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।

“क्या करें, क्या न करें – जानिए सुरक्षा उपाय”मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन टीम ने लोगों से अपील करते हुए कहा है –

• तेज बारिश और जलभराव के समय अनावश्यक घर से न निकलें।

• नदी-नालों और पुल-पुलियों के पास जाने से बचें।

• बिजली के खंभों या पेड़ों के नीचे शरण न लें।

• बच्चों और बुज़ुर्गों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।

• प्रशासन की चेतावनियों और अलर्ट को नज़रअंदाज़ न करें।

 “अब अलर्ट रहिए…”!
मध्य प्रदेश में आसमान से आफत बरस रही है। आंकड़े साफ इशारा कर रहे हैं कि बारिश अपनी चरम सीमा पर है। आने वाले 2–3 दिन बेहद संवेदनशील होंगे। प्रशासन ने कमर कस ली है लेकिन लोगों को भी सतर्क रहना होगा।

ये बरसात वरदान है या संकट – इसका फैसला आने वाला वक्त करेगा।

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