“लाल किले से गूंजा रोजगार क्रांति का बिगुल:मोदी ने युवाओं के लिये खोला रोजगार का महागेटवे”!
New delhi/पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर दी युवाओं को सबसे बड़ा तोहफ़ा — 1 लाख करोड़ की ”प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना” लॉन्च, 3.5 करोड़ नई नौकरियों का दावा!लाल किले की प्राचीर से आज़ादी के 79वें पर्व पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण इस बार सिर्फ़ भावनाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सीधे देश के करोड़ों युवाओं की रोज़ी-रोटी से जुड़ा बड़ा ऐलान बन गया। मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए 1 लाख करोड़ रुपये की “प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना” की शुरुआत की घोषणा की। यह घोषणा होते ही लाल किला तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और देशभर में इसे रोजगार क्रांति की नई सुबह कहा जाने लगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा—
“देश के युवाओं के लिए आज डबल दिवाली है। यह योजना सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास और भारत के भविष्य का निर्माण है।”
योजना की बड़ी बातें — युवाओं और कंपनियों दोनों को मिलेगा फायदा!
•पहली नौकरी पाने वाले युवाओं को सरकार की ओर से 15,000 रुपये सीधे खाते में दिए जाएंगे।
•कंपनियों को प्रति नए कर्मचारी पर हर महीने 3,000 रुपये तक प्रोत्साहन मिलेगा।
•मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को अतिरिक्त लाभ, ताकि उद्योगों में बड़े पैमाने पर भर्ती हो सके।
• योजना का लक्ष्य: अगले दो साल में 3.5 करोड़ नई नौकरियां, जिनमें से लगभग 1.92 करोड़ युवा पहली बार औपचारिक रोजगार से जुड़ेंगे।
• इस ऐतिहासिक योजना के संचालन की जिम्मेदारी श्रम एवं रोजगार मंत्रालय और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) को सौंपी गई है।
‘विकसित भारत मिशन’ का हिस्सा — 2047 तक विकसित राष्ट्र का सपना!
पीएम मोदी ने इसे अपने ‘विकसित भारत मिशन’ की रीढ़ बताते हुए कहा कि इसका सीधा लक्ष्य 2047 तक भारत को एक विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाना है। उन्होंने कहा—
•“युवा ही भारत के विकास इंजन हैं। यह योजना उन्हें अवसर, सम्मान और आर्थिक ताक़त देने का मार्ग है।”
•उन्होंने रोजगार योजना को युवाओं के लिए “डबल दिवाली” का तोहफ़ा बताते हुए इसे स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्र के नाम सबसे बड़ा उपहार कहा।
लाल किले पर भावनात्मक माहौल!
जब प्रधानमंत्री ने यह घोषणा की, उस वक्त लाल किले के विशाल मैदान में मौजूद हजारों की भीड़ ने जोरदार तालियों और नारों से स्वागत किया। राष्ट्रगान की गूंज के बीच जैसे ही मोदी ने रोजगार योजना की विस्तृत जानकारी दी, वहां मौजूद युवा प्रतिनिधियों की आंखों में चमक साफ़ दिखाई दी।
कई युवा यह कहते सुने गए कि “यह हमारे लिए सिर्फ योजना नहीं, बल्कि जीवन बदलने का मौका है।” वहीं उद्यमियों का कहना था कि अब उद्योगों को नई ऊर्जा मिलेगी और भर्ती करना आसान होगा।
विशेषज्ञों की राय — क्या सचमुच बनेगी 3.5 करोड़ नौकरियां?
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजना सही ढंग से लागू हुई, तो यह अब तक की सबसे बड़ी रोजगार क्रांति साबित हो सकती है। 3.5 करोड़ नौकरियों का आंकड़ा असंभव नहीं है, बशर्ते उद्योग और सरकार मिलकर पारदर्शिता से काम करें।
• श्रम अर्थशास्त्रियों का कहना है कि इस योजना से अनौपचारिक श्रमिक वर्ग औपचारिक ढांचे में आएगा।
• उद्योग संघों का अनुमान है कि मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप सेक्टर सबसे बड़ा लाभ उठाएंगे।
विपक्ष का हमला — “चुनावी जुमला या वास्तविक क्रांति?”
जहां सत्ता पक्ष इस योजना को ऐतिहासिक बता रहा है, वहीं विपक्षी दलों ने इसे चुनावी वादा करार दिया है। कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया—
• “क्या सरकार 3.5 करोड़ नौकरियों का आंकड़ा पूरा कर पाएगी, या यह भी चुनावी जुमला साबित होगा?”
• वहीं कुछ क्षेत्रीय दलों ने भी मांग की है कि इस योजना का लाभ सिर्फ़ महानगरों तक सीमित न रहकर गांव-कस्बों तक पहुँचे।
युवाओं की उम्मीदों का आसमान!
देशभर के लाखों बेरोजगार युवा सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। ट्विटर (X) पर #रोजगारक्रांति और #ViksitBharat ट्रेंड कर रहे हैं। एक युवा इंजीनियर ने ट्विटर पर लिखा—
“आज पहली बार लगा कि सरकार सचमुच हमें नौकरी दिलाने के लिए कदम उठा रही है।”
युवाओं के भविष्य का आगे का रास्ता क्या होगा?
यह योजना आज से ही लागू हो गई है। आने वाले महीनों में कंपनियों द्वारा नई भर्तियों के आंकड़े और युवाओं को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि से इसका वास्तविक असर सामने आएगा।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि योजना सफल रही तो यह न सिर्फ़ बेरोजगारी को कम करेगी, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था को भी नई ऊँचाइयों पर ले जाएगी।
स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से पीएम मोदी की यह घोषणा आने वाले वर्षों में भारत की रोजगार तस्वीर बदल सकती है। जहां युवाओं के लिए यह उम्मीदों का दीपक है, वहीं उद्योग जगत के लिए विकास का अवसर। लेकिन क्या यह योजना कागज़ों से निकलकर ज़मीन पर भी उतरेगी? यही आने वाला वक्त तय करेगा।
आजादी के जश्न के बीच प्रधानमंत्री की यह घोषणा एक ऐसे भविष्य की तस्वीर पेश कर रही है, जहां हर युवा को सिर्फ नौकरी ही नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत का हिस्सा बनने का भी अवसर मिलेगा।