राइस मिलों पर प्रशासन का महाप्रहार:धान माफिया में मचा हड़कंप, तीन प्रकरणों में 6,694 बोरा धान व 15,470 बोरा चावल जब्त!
Mahasamund / महासमुंद जिले में धान खरीदी व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल उठाने वाले अवैध भंडारण और गड़बड़ियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने ऐसा सख्त प्रहार किया है, जिससे राइस मिल संचालकों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन की इस निर्णायक कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब नियमों से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के स्पष्ट और कड़े निर्देशों के बाद जिलेभर में धान के अवैध भंडारण, परिवहन और स्टॉक में हेराफेरी को लेकर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को जिले के सरायपाली और बसना क्षेत्र में तीन अलग–अलग प्रकरणों में बड़ी कार्रवाई करते हुए हजारों बोरा धान और चावल जब्त किए गए। यह कार्रवाई न केवल प्रशासन की मुस्तैदी को दर्शाती है, बल्कि उन ताकतों के लिए भी चेतावनी है जो सरकारी व्यवस्था को चुनौती देने का दुस्साहस कर रही थीं।
सरायपाली में खुला बड़ा खेल, स्टॉक में गंभीर अनियमितता!
सरायपाली एसडीएम अनुपमा आनंद के मार्गदर्शन एवं तहसीलदार श्रीधर पंडा के नेतृत्व में गठित टीम ने श्री साईं राइस मिल, सरायपाली में जब भौतिक सत्यापन किया, तो वहां की हकीकत देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। कागजों में दर्ज स्टॉक और मौके पर मौजूद धान–चावल के आंकड़ों में भारी अंतर पाया गया। जांच के दौरान यह स्पष्ट हो गया कि मिल प्रबंधन द्वारा नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही थी।
स्टॉक सत्यापन में गंभीर कमी पाए जाने पर तत्काल जब्ती की कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने 6,000 बोरा धान एवं 15,470 बोरा चावल अपने कब्जे में ले लिया। इतनी बड़ी मात्रा में धान और चावल की जब्ती ने यह संकेत दे दिया कि मामला केवल लापरवाही का नहीं, बल्कि सुनियोजित गड़बड़ी का है।
बसना में भी चला प्रशासन का डंडा!
सरायपाली के बाद प्रशासन की टीम बसना पहुंची, जहां एसडीएम हरिशंकर पैंकरा एवं तहसीलदार कृष्ण कुमार साहू के मार्गदर्शन में दो राइस मिलों की गहन जांच की गई। यहां भी नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले मिल संचालकों की पोल खुल गई।
श्रीशिव शंकर राइस मिल, बसना से जांच के दौरान 287 पैकेट अवैध धान जब्त किए गए। वहीं कामद राइस मिल, बसना से 407 पैकेट अवैध धान पकड़े गए। इन दोनों मामलों में भी स्टॉक का विधिवत संधारण नहीं किया गया था और संदेहास्पद तरीके से धान का भंडारण किया जा रहा था।
धान माफियाओं में मचा खौफ!
एक ही दिन में इतनी बड़ी कार्रवाई से जिले के राइस मिल संचालकों और धान के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों में भय का माहौल बन गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई को धान माफिया के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। सूत्रों की मानें तो आने वाले दिनों में और भी राइस मिलों की जांच की तैयारी की जा रही है।
प्रशासन का सख्त संदेश!
जिला प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि धान खरीदी व्यवस्था की पवित्रता और किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अवैध भंडारण, कालाबाजारी और स्टॉक में हेराफेरी करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार प्रकरण दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
किसानों में जगी उम्मीद!
प्रशासन की इस कार्रवाई से जिले के ईमानदार किसानों में नई उम्मीद जगी है। लंबे समय से यह आरोप लगते रहे हैं कि कुछ राइस मिल संचालक और बिचौलिए धान खरीदी व्यवस्था को प्रभावित कर किसानों के हक पर डाका डाल रहे हैं। अब जब प्रशासन ने खुलकर मोर्चा संभाल लिया है, तो यह संदेश साफ है—नियम तोड़ने वालों की अब खैर नहीं।
महासमुंद जिले में यह कार्रवाई आने वाले समय में एक मिसाल बनेगी, जहां कानून का शिकंजा और कसने की तैयारी पूरी है। प्रशासन का यह सख्त रुख यह साबित करता है कि शासन की मंशा साफ है और धान व्यवस्था में गड़बड़ी करने वालों पर अब सीधी और निर्णायक चोट की जाएगी।













