रहस्यमय मौत: तीन दिन से लापता मजदूर जेठू निषाद का शव तलब के पेड़ से लटका मिला, गांव में सनसनी – आखिर क्यों दी जान?
Mahasamund/ महासमुंद जिला के बरबसपुर ग्राम में सोमवार की सुबह एक ऐसी खबर आई जिसने पूरे गांव को सन्न कर दिया। फर्शी फैक्ट्री में मजदूरी करने वाले 55 वर्षीय जेठू निषाद पिता नानिकराम निषाद का शव बरबसपुर तलब के किनारे पेड़ से लटका मिला। सुबह जब ग्रामीण खेत की ओर निकले, तो उन्होंने यह दिल दहला देने वाला दृश्य देखा—एक इंसान का निर्जीव शरीर, झूलता हुआ… मानो कोई अनकही कहानी हवा में तैर रही हो।
देखते ही देखते गांव में अफरा-तफरी मच गई!
कुछ ही देर में यह खबर पूरे इलाके में फैल गई कि तीन दिन से लापता जेठू निषाद की लाश मिल गई है। परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तो माहौल गमगीन हो गया। कोई यह मानने को तैयार नहीं था कि मेहनतकश, सीधा-सादा जेठू अपनी जान खुद ले सकता है।
ग्रामीणों द्वारा बताया गया!
गांव के लोगों ने बताया कि जेठू निषाद बीते तीन दिनों से घर से लापता था। परिजनों ने आसपास के इलाकों में खूब तलाश की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। सबने यही सोचा कि शायद किसी काम पर गया होगा। लेकिन आज सुबह जब उसका शव पेड़ से लटका मिला, तो सभी के पैरों तले जमीन खिसक गई।
सिटी कोतवाली महासमुंद द्वारा मामले को तुरंत संज्ञान लिया।
सिटी कोतवाली महासमुंद को ग्रामीणों द्वारा तुरंत सूचना दिया गया थाना प्रभारी द्वारा तुरंत बरबसपुर के लिए टीम भेज दी गई और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पंचनामा के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा।बरबसपुर तलब के पास जहां जेठू ने फांसी लगाई, वहां लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। हर कोई यह समझने की कोशिश कर रहा था कि आखिर क्या कारण रहा होगा जिसने एक मेहनतकश मजदूर को यह कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।
55 वर्षीय जेठू निषाद बरबसपुर गांव का जाना-पहचाना चेहरा था। वह फर्शी खदान में वर्षों से काम कर रहा था और अपने परिश्रम के लिए जाना जाता था। दिन भर मेहनत करने के बाद शाम को घर लौटकर परिवार के साथ समय बिताता था। परिजनों का कहना है कि जेठू अपने परिवार से बहुत प्यार करता था और किसी बात को लेकर उदास जरूर था, पर उसने कभी यह नहीं जताया कि वह जीवन से हार मान चुका है।
गांव में लोगों के बीच अब तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि फिलहाल किसी भी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
बरबसपुर के लोग अब इस घटना से डरे और विचलित हैं। गांव के कुछ लोग कहते हैं—“जेठू सीधा आदमी था जिसने पूरी जिंदगी ईमानदारी से काम किया, अगर इस तरह दुनिया छोड़ जाए, तो जरूर कुछ गहरा राज है।”
यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या कार्यस्थल पर कोई विवाद या मानसिक दबाव था। बरबसपुर तलब के आसपास का इलाका पुलिस ने सील कर दिया है ताकि सबूतों से छेड़छाड़ न हो।
अब सबकी निगाहें पुलिस की जांच पर टिकी हैं। क्या यह वास्तव में आत्महत्या थी, या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी है? बरबसपुर का यह रहस्यमय फांसी कांड आने वाले दिनों में कई राज खोल सकता है।













