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August 29, 2025 5:26 pm

रमा न्यूट्रिशन क्लब” का बड़ा काला सच: जहां सपनों की कीमत चुकानी पड़ती है जिंदगी से!”

रमा न्यूट्रिशन क्लब” का बड़ा काला सच: जहां सपनों की कीमत चुकानी पड़ती है जिंदगी से!”

Mahadamund/महासमुंद जिला के बिरकोनी मेन रोड पर स्थित तथाकथित “रमा न्यूट्रिशन क्लब” आजकल चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। जहाँ तक दावा किया जाता है, यह क्लब लोगों को स्वस्थ जीवनशैली, पोषण और फिटनेस की राह दिखाता है। मगर सच्चाई बिल्कुल इसके उलट है। यह कथित क्लब स्वास्थ्य सुधार के नाम पर न केवल झूठे सपने दिखा रहा है, बल्कि बिना किसी लाइसेंस और चिकित्सकीय मान्यता के लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहा है।

सपनों का झांसा, सेहत पर हमला!
“Recharge Yourself”, “Feel the Power of Good Nutrition” और “पाचन क्रिया सुधारें” जैसे आकर्षक स्लोगन लगाकर मासूम ग्राहकों को लुभाया जाता है। महिलाएँ, बच्चे और बुजुर्ग – हर किसी के लिए किसी न किसी तरह का पैकेज क्लब द्वारा तैयार किया गया है।लेकिन परदे के पीछे छिपा खतरनाक सच – न तो कोई योग्य चिकित्सक मौजूद है, न ही उत्पादों पर कोई जिंदगी की गारंटी। क्या इनके द्वारा ड्रग लाइसेंस हासिल किए बिना पाउडर, शेक, टैबलेट और सप्लिमेंट की धड़ल्ले से बिक्री की जा रही है?अगर किया जा रहा है तो उसका जिम्मेदार कौन।

बीमारियों की फैक्ट्री बना क्लब!
सूत्रों के मुताबिक इस क्लब से जुड़े कई लोगों ने शिकायत की है कि सप्लिमेंट के नाम पर बेचे गए पाउडर और ड्रिंक लेने के बाद उनकी पाचन शक्ति बिगड़ गई, त्वचा पर दाने निकल आए, सिरदर्द और चक्कर आने जैसी समस्याएँ होने लगीं।किसी को गैस्ट्रिक समस्या बढ़ी तो किसी की जोड़ों की तकलीफ दोगुनी हो गई। जो लोग रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की उम्मीद में यहाँ आए थे, वे एलर्जी और आंतरिक कमजोरी के शिकार हो गए।

नाटकीय दावे, खोखले वादे!
महासमुंद के बिरकोनी ग्राम में रमा न्यूट्रिशन क्लब बड़े-बड़े पोस्टर लगाकर और “शिरीष & नेहा अग्रवाल” नामक कोच के जरिए जागरूकता फैलाने का खेल खेल रहा है।यह खेल नहीं यह बहुत बड़ा स्कैम है ग्रामीण क्षेत्र के भोले भाले लोगों को भ्रमित करने का काम कर रहा है।यह बिना डिग्री के बहुत बड़े चिकित्सक है जो लोगों को देखकर बीमारी के बारे में बता देते है।इनके द्वारा-

•“पाचन क्रिया सुधारें” कहकर हाजमे की दवाइयाँ बेची गईं।

•क्या“महिलाओं का पोषण” कहकर कैल्शियम और हार्मोन संबंधी पाउडर ठोंसे गए?

•क्या “बच्चों का पोषण” के नाम पर नकली प्रोटीन शेक दिया गया?

•क्या“जोड़ों का स्वास्थ्य” कहकर दर्द निवारक जड़ी-बूटियाँ ठूस दी गईं?

•क्या इन सभी दावों का कोई वैज्ञानिक आधार है अगर है तो जिम्मेदारी कौन लेगा?

डॉक्टर की राय: “यह क्लब स्वास्थ्य के लिए खतरा”!
स्थानीय डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे क्लब केवल मनोवैज्ञानिक तरीके से ग्राहकों को फँसाते हैं। सस्ते पाउडर और सप्लिमेंट महंगे दामों पर बेच दिए जाते हैं, और अगर नुकसान हो भी जाए तो इसकी जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं होता।
विशेषज्ञों का साफ कहना है – बिना लाइसेंस न्यूट्रिशन प्रोडक्ट बेचना कानूनन अपराध है।और आप कितने लागत प्रोडक्ट बेचने का लाइसेंस लिऐ है।

छिप-छिप कर चलता धंधा!
जाँच में सामने आया कि यह क्लब विद्या वस्त्रालय के पास, चक्रधारी बाईंडिंग दुकान के ऊपर किराए की जगह लेकर चलता है। यहाँ आने वाले लोगों को आकर्षक बातें बताकर क्लब से जोड़ लिया जाता है। फिर हर सदस्य को और नए लोग लाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। यह एक तरह की नेटवर्क मार्केटिंग की जालसाजी भी हो सकती है।

नाटकीय घटनाक्रम!

• एक सूत्र ने हमसे साझा किया है कि उस महिला ने शिकायत की कि बच्चों की पोषण-दवा लेने के बाद उसके बेटे को उल्टियाँ शुरू हो गईं।मैने फिर उस प्रोडक्ट को डाक्टर को बताया क्या करोगी किसको शिकायत करोगी किसी का कुछ नहीं बिगाड़ सकती हो।

• वही एक बुजुर्ग ने दावा किया कि जोड़ सप्लीमेंट खाने के बाद उनके घुटने का दर्द कम होने के बजाय इतना बढ़ गया कि उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।

• युवाओं ने बताया कि जल्दी फिटनेस पाने की चाह में उन्होंने जो प्रोटीन शेक खरीदा, उसने उनका लिवर कमजोर कर दिया।

प्रशासन से अपील!
यह पूरा मामला सीधे-सीधे जन-स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है। इस तरह के पोषण क्लब अगर रोके नहीं गए तो यह कई लोगों की जिंदगी को खतरे में डाल सकते हैं।सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने पहले ही प्रशासन से माँग की है कि –

•क्लबो की तुरंत जाँच हो।

क्या ऐसे राज्य में जितने क्लब संचालित है उनकी सूक्ष्मता से जांच होना चाहिए।

•बिना लाइसेंस उत्पाद बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो।

•पीड़ित लोगों को न्याय दिलाया जाए।

पोषण की आड़ में परिवार में जहर!
“रमा न्यूट्रिशन क्लब” की परतें जब उठीं तो सामने आया कि जहाँ लोगों को सेहत और सशक्तिकरण का सपना दिखाया जा रहा है, वहाँ असलियत में पारिवारिक बीमारी और धोखा परोसा जा रहा है।अगर समय रहते इन पर लगाम नहीं लगी, तो यह छोटा सा क्लब एक बड़े पैमाने की ठगी और स्वास्थ्य संकट का कारण बन सकता है।जिले में इन क्लबों द्वारा परिवार की महिलाओं को रंग बिरंगी दुनिया दिखाने के साथ साथ परिवार तोड़ने का भी काम किया जा रहा है।

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