March 2, 2026 5:17 am

मुनाफे की लालच में मौत की खुदाई12 घन मीटर की रॉयल्टी पर 40 घन मीटर मुरूम की ढुलाई!

मुनाफे की लालच में मौत की खुदाई12 घन मीटर की रॉयल्टी पर 40 घन मीटर मुरूम की ढुलाई!

तुमगांव के गुरूडीह ग्राम में खनिज चोरी का पर्दाफाश – ग्रामीणों ने खुद पकड़ी अवैध गाड़ियाँ, खनिज विभाग पर उठे सवाल”!

Mahasamund/जिले के तुमगांव क्षेत्र में एक बार फिर खनिज चोरी का खेल उजागर हुआ है। ग्राम गुरूडीह, मालीडीह, पिरदा और तुमगांव के जागरूक ग्रामीणों ने मिलकर उस गोरखधंधे का पर्दाफाश किया जिसमें सरकारी रॉयल्टी मात्र 12 घन मीटर की थी, लेकिन ढुलाई 40 घन मीटर मुरूम की की जा रही थी! सूत्रों के माने तो सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस जमीन में खुदाई की जा रही थी वह जमीन शासन द्वारा चारागाह के लिए ग्रामीणों के लिए आरक्षित रखी थी जिसकी खुदाई नियम विरुद्ध किया जा रहा था। ग्रामीणों ने मौके पर गाड़ियों को रोककर जब सवाल किए, तो जवाब में अभद्र व्यवहार और धमकी का सामना करना पड़ा। इसके बाद आक्रोशित ग्रामवासियों ने चारों वाहनों को तुमगांव थाने में खड़ा करवा दिया, और खनिज अधिकारी शाखा महासमुंद को लिखित आवेदन देकर कड़ी कार्यवाही की मांग की है।

घटना का सिलसिला — जब ग्रामीणों ने पकड़ी अवैध मुरूम ढुलाई!

जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम को वाहन क्रमांक CG 22 X 6908, CG 104 PR 2834, CG 04 PR 2838 और CG 22 AD 1773 पिरदा मार्ग से गुजर रहे थे। पिरदा वही PWD का मार्ग है जिस मार्ग की लोडिंग क्षमता सिर्फ 15 टन की है जिसको लेकर स्थानीय ग्रामीणों को संदेह हुआ कि ये वाहन ओवरलोड मुरूम लेकर जा रहे हैं। ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए वाहनों को रोका और ड्राइवरों से पूछताछ की। जब ग्रामीणों ने सवाल किया – “कितनी रॉयल्टी है, और कितना मुरूम भरा है?” – तो जवाब में ट्रक चालकों ने अभद्र शब्दों का प्रयोग करते हुए गांव वालों को डराने की कोशिश की। लेकिन इस बार ग्रामीणों ने हार नहीं मानी।कुछ ही देर में पूरा गांव मौके पर पहुंच गया, और सामूहिक रूप से गाड़ियों की तलाशी ली। तब खुलासा हुआ कि केवल 12 घन मीटर की रॉयल्टी कटाई गई थी, जबकि गाड़ियों में लगभग 40 घन मीटर से अधिक मुरूम भरा हुआ था। ग्रामीणों द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियों को बुलाया गया ।

यह शासन की संपत्ति है, हम लूट नहीं होने देंगे” — ग्रामीणों का आक्रोश!

ग्रामवासियों ने मौके पर ही निर्णय लिया कि ये गाड़ियाँ बिना जांच के आगे नहीं बढ़ने दी जाएंगी। इसके बाद चारों गाड़ियों को रोककर तुमगांव थाना लाया गया। ग्रामीणों ने कहा कि वे अब इस मामले को खनिज अधिकारी शाखा महासमुंद और जिला परिवहन अधिकारी तक सूचना पहुंचाई है लेकिन अभी तक महासमुंद खनिज अधिकारी की कोई प्रतिक्रिया भी आई है।

ग्रामीणों का कहना!
“यह खुदाई 4 दिनों से रात दिन चल रही थी और खुदाई इतनी गहरी की जा रही है कि उस गड्ढे में अगर कोई जानवर और बच्चे गिर जायेंगे तो बचना मुश्किल है और हमने देखा कि सरकारी अनुमति केवल 12 घन मीटर की थी, परंतु गाड़ियों में उससे तीन गुना ज्यादा मुरूम भरा हुआ था। यह सीधे-सीधे शासन की संपदा की चोरी है। अगर हम चुप रहते तो यह चोरी रोज की आदत बन जाती।”

खनिज अधिकारी शाखा को आवेदन, जांच की मांग!

घटना के बाद ग्रामीणों ने एक लिखित आवेदन खनिज अधिकारी शाखा, महासमुंद को दिया है। आवेदन में स्पष्ट लिखा गया है कि –

“चार माड़ियों में मात्र 12 घन मीटर की रॉयल्टी होने के बावजूद लगभग 40 घन मीटर मुरूम लोड कर ले जाया जा रहा है। अतः सभी वाहनों की नाप-तौल कर वास्तविक मात्रा ज्ञात कराई जाए और दोषियों पर सख्त कार्यवाही हो।”

साथ ही ग्रामीणों ने मांग की है कि इस प्रकरण की सूचना जिला परिवहन अधिकारी को भी दी जाए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि ये वाहन किसकी अनुमति से चल रहे थे और क्या इनके पास वैध परिवहन दस्तावेज हैं या नहीं।

खनिज विभाग की चुप्पी — क्या किसी दबाव में है प्रशासन?

ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी खनिज अधिकारी शाखा की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। सूत्र बताते हैं कि यह पहली बार नहीं है जब इस क्षेत्र में रॉयल्टी से अधिक मुरूम की ढुलाई की गई हो।स्थानीय लोग आरोप लगा रहे हैं कि खनिज विभाग और ठेकेदारों की मिलीभगत से यह खेल हफ्तों से चल रहा है।

मामला अब बढ़ेगा — जांच और जवाबदेही की मांग!

अब यह मामला केवल ग्राम स्तर पर नहीं, बल्कि जिले भर में चर्चा का विषय बन गया है। सामाजिक संगठनों और स्थानीय प्रतिनिधियों ने भी मांग की है कि –

सभी वाहनों का साइट पर मापन और वजन जांच की जाए।

•संबंधित रॉयल्टी रिकॉर्ड और लोडिंग प्वाइंट की जांच की जाए।

•यदि पाया जाता है कि रॉयल्टी कम कटाई गई और ढुलाई अधिक हुई, तो खनिज ठेकेदार और विभागीय अधिकारी दोनों पर आपराधिक कार्यवाही हो।

•परिवहन विभाग भी जांच करे कि क्या इन गाड़ियों के पास वैध दस्तावेज थे।

“शासन का नुकसान, माफ नहीं किया जाएगा” — जनता ने दी चेतावनी!

ग्रामवासियों ने कहा है कि यदि 48 घंटे के भीतर जांच नहीं हुई तो वे खनिज कार्यालय का घेराव करेंगे और मामले को जिला कलेक्टर के समक्ष रखेंगे।

“यह सिर्फ मुरूम का मामला नहीं है, यह जनता के हक का मामला है। शासन को करोड़ों का नुकसान पहुँचाने वाले ऐसे मुरूम खुदाई वालो को बख्शा नहीं जाना चाहिए।”

तुमगांव, गुरूडीह ,मालीडीह और पिरदा के ग्रामीणों की यह कार्रवाई इस बात की मिसाल है कि जब जनता जागती है, तो अवैध खनन माफिया भी डरते हैं।
अब सवाल यह है कि क्या खनिज अधिकारी शाखा महासमुंद इस शिकायत पर साहसिक कदम उठाएगी, या फिर यह मामला भी फाइलों में दब जाएगा?
ग्रामीणों की नजरें अब प्रशासन की अगली चाल पर टिकी हैं — क्योंकि इस बार मामला सिर्फ मुरूम का नहीं, ईमान और प्रणाली की परीक्षा का है।

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