March 2, 2026 6:54 am

महासमुंद राजनीति में गूंजा मातम का सन्नाटा…! बीजेपी नेता संजय चंद्राकर ने लगाई फांसी

महासमुंद राजनीति में गूंजा मातम का सन्नाटा…! बीजेपी नेता संजय चंद्राकर ने लगाई फांसी — महासमुंद में छाया शोक, पूरे शहर में सनसनी!”

Mahasamund/महासमुंद जिले से आज सुबह एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय नेता संजय चंद्राकर (निवासी रमन टोला, महासमुंद) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस दुखद घटना ने न केवल उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, बल्कि पूरे राजनीतिक गलियारों में भी हड़कंप मचा दिया है। भाजपा कार्यकर्ताओं, समर्थकों और स्थानीय लोगों में शोक की लहर दौड़ गई है। हर कोई बस एक ही सवाल कर रहा है — आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक हंसते-खेलते नेता ने इतनी भयावह कदम उठा लिया…?

घटना की सूचना मिलते ही महासमुंद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, फांसी लगाने के पीछे का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।

सुबह की खामोशी में गूंजी चीखें…
स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह-सुबह जैसे ही यह घटना सामने आई, पूरे मोहल्ले में अफरा-तफरी मच गई। रमन टोला इलाके में लोग घरों से बाहर निकल आए। परिवारजन के रोने-बिलखने की आवाजें पूरे मोहल्ले में गूंज उठीं। किसी को भी इस बात पर यकीन नहीं हो रहा था कि मिलनसार स्वभाव के संजय चंद्राकर अब इस दुनिया में नहीं रहे।

उनके परिजनों ने बताया कि संजय चंद्राकर हमेशा से ही सामाजिक और राजनीतिक रूप से सक्रिय रहते थे। स्थानीय स्तर पर उनकी एक पहचान थी। वे कई वर्षों से भाजपा संगठन से जुड़े हुए थे। इलाके में उन्हें लोग प्यार से “संजय भैया” कहकर पुकारते थे।

पिता, मित्र और नेता — तीनों छवियों में थे संजय चंद्राकर!
संजय चंद्राकर न केवल राजनीतिक कार्यकर्ता थे, बल्कि एक संवेदनशील पिता और जिम्मेदार परिवार प्रमुख भी थे। वे कुंभज चंद्राकर और वाशु चंद्राकर के पिता थे। परिवार के लिए वे हमेशा मजबूती से खड़े रहे। ऐसे शख्स का यूं अचानक चला जाना सभी को भीतर तक तोड़ गया है।

स्थानीय लोग और उनके करीबी बताते हैं कि उन्होंने कभी भी ऐसा कोई संकेत नहीं दिया था कि वे किसी गहरी परेशानी से जूझ रहे हैं। यही वजह है कि आज की यह घटना सभी के लिए एक बड़ा झटका बनकर आई है।

पोस्टमॉर्टम के बाद शव सौंपा गया परिजनों को!
पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा, जहां सभी चिकित्सीय प्रक्रियाएं पूरी की गईं। इसके बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया है। घर पर अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इस दौरान मोहल्ले में मातम का माहौल है। हर आंख नम है, हर चेहरा गमगीन है।

पुलिस जांच में जुटी — क्या था आत्महत्या का कारण?
महासमुंद पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि फांसी लगाने का कारण अभी तक सामने नहीं आया है। घटनास्थल से किसी प्रकार का सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। फिलहाल पुलिस परिजनों और करीबियों से पूछताछ कर रही है, ताकि घटना के पीछे की वजह का पता लगाया जा सके।

जांच अधिकारी ने कहा, “हम सभी पहलुओं पर जांच कर रहे हैं। फिलहाल कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पूछताछ के बाद स्थिति और साफ होगी।”

राजनीतिक गलियारों में पसरा सन्नाटा!
बीजेपी नेता संजय चंद्राकर की मौत की खबर जैसे ही फैली, स्थानीय राजनीतिक हलकों में मातम छा गया। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया। कुछ नेता सीधे उनके घर पहुंचे और परिवार को सांत्वना दी।

आंसुओं में डूबा रमन टोला…
रमन टोला में आज सुबह से ही सन्नाटा पसरा हुआ है। घर के बाहर गाड़ियों की भीड़ लगी है। दूर-दूर से लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। महिलाएं रो-रो कर बेहाल हैं, बच्चे स्तब्ध हैं।

सवालों के घेरे में आत्महत्या की गुत्थी!
संजय चंद्राकर के इस कदम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—

•क्या वे किसी मानसिक दबाव में थे?

•क्या किसी तरह की आर्थिक या पारिवारिक परेशानी चल रही थी?

•या फिर किसी राजनीतिक दबाव ने उन्हें यह कदम उठाने पर मजबूर किया?

फिलहाल इन सवालों का जवाब किसी के पास नहीं है। लेकिन पुलिस की जांच इन पहलुओं पर भी गहराई से की जा रही है।

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