महासमुंद में कप्तान बदलते ही पुलिस महकमे में भूचाल! थानों की चौखट पर चला ‘नया लॉयन ऑर्डर’, एक झटके में बदले 16 थानेदार 1 को मिली रवानगी!
Mahasamund/महासमुंद जिला पुलिस महकमे में नए पुलिस अधीक्षक के पदभार ग्रहण करते ही व्यवस्था की तस्वीर पूरी तरह बदलती नजर आ रही है। कुर्सी संभालते ही नए कप्तान ने साफ संदेश दे दिया है कि अब जिले में कानून व्यवस्था किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि सिर्फ कप्तान की चलेगी। इसी के साथ जिले के लगभग हर बड़े थाना और चौकी में थानेदारों की अदला-बदली कर दी गई, जिससे पुलिस विभाग के भीतर ही नहीं बल्कि राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में भी हलचल मच गई है।
02 जनवरी 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय महासमुंद से जारी आदेश ने यह स्पष्ट कर दिया कि नए कप्तान किसी भी तरह की ढिलाई, गुटबाजी या मनमानी बर्दाश्त करने के मूड में नहीं हैं। आदेश के तहत निरीक्षक, उपनिरीक्षक और सहायक उपनिरीक्षक स्तर के अधिकारियों को प्रशासनिक दृष्टिकोण से तत्काल प्रभाव से नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
सूत्रों के मुताबिक, नए कप्तान ने पदभार ग्रहण करने के बाद जिले की कानून व्यवस्था, थानों की कार्यप्रणाली और अधिकारियों की कार्यशैली की बारीकी से समीक्षा की। इसके बाद एक झटके में बड़ा फैसला लेते हुए थानों की कमान इधर से उधर कर दी गई। इसे पुलिस महकमे में ‘सर्जिकल ट्रांसफर’ कहा जा रहा है।
आदेश के अनुसार, निरीक्षक शरद दुबे को महासमुंद से हटाकर बसना थाना प्रभारी बनाया गया है। वहीं बलौदा थाना प्रभारी निरीक्षक सचिन गुमाश्ता को खल्लारी की जिम्मेदारी दी गई है। तेंदूकोना थाना प्रभारी सिद्धार्थ मिश्रा अब पिथौरा में कानून व्यवस्था संभालेंगे, जबकि पिथौरा के प्रभारी उमेश वर्मा को पटेवा भेजा गया है।
कोमाखान के थाना प्रभारी नीतेश सिंह ठाकुर को सरायपाली का प्रभार सौंपा गया है। थाना अजाक से संबद्ध साइबर सेल महासमुंद में पदस्थ संतोष सिंह को सिंघोड़ा थाना प्रभारी बनाया गया है। तुमगांव के प्रभारी प्रवीण चौहान अब तेंदूकोना में नई पारी खेलेंगे।
इसी तरह पटेवा के थाना प्रभारी विनोद कश्यप को थाना अजाक एवं साइबर सेल महासमुंद भेजा गया है। सरायपाली थाना प्रभारी शशांक पौराणिक को बागबाहरा की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि सिंघोड़ा के प्रभारी महेश साहू को कोमाखान भेजा गया है। बसना थाना प्रभारी नरेंद्र राठौर को सिटी कोतवाली महासमुंद का नया प्रभारी बनाया गया है।
खल्लारी के थाना प्रभारी शैलेन्द्र नाग को बुंदेली चौकी की कमान दी गई है। सांकरा थाना प्रभारी राणा सिंह ठाकुर को भंवरपुर चौकी प्रभारी बनाया गया है। रक्षित केंद्र महासमुंद में पदस्थ हितेश झंघेल को बलौदा थाना प्रभारी और उत्तम तिवारी को सांकरा थाना प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।
रीडर शाखा में कार्यरत निरीक्षक दिनेश यादव को तुमगांव थाना प्रभारी बनाया गया है। उपनिरीक्षक राजीव नाहर को अजाक थाना एवं साइबर सेल से जोड़ा गया है। सहायक उपनिरीक्षक बसंत पाणिग्रांही को सिटी कोतवाली महासमुंद भेजा गया है, जबकि बलराम साहू को सिरपुर चौकी प्रभारी बनाया गया है।
इस पूरे फेरबदल में सबसे ज्यादा चर्चा बागबाहरा के ‘लॉयन ऑर्डर’ कहे जाने वाले निरीक्षक अजय कुमार सिन्हा की रवानगी को लेकर रही। लंबे समय से बागबाहरा थाना प्रभारी के रूप में उनकी मजबूत पकड़ और दबदबे की चर्चा आम थी। बताया जा रहा है कि पुलिस अधीक्षक से हुई मुलाकात के दौरान अजय सिन्हा और बुंदेली चौकी प्रभारी मान सिंह की रवानगी को लेकर सीधी बातचीत हुई थी, जिस पर कप्तान ने दो टूक कहा था – “देखवाता हूं।”
और वही हुआ। नए कप्तान के आते ही अजय कुमार सिन्हा की आखिरकार रवानगी हो गई। साथ ही बुंदेली चौकी प्रभारी मान सिंह को भी हटाकर साफ संदेश दे दिया गया कि जिले में अब किसी का ‘लॉयन ऑर्डर’ नहीं, बल्कि कप्तान का कानून चलेगा।
पुलिस महकमे में यह फेरबदल सिर्फ तबादले नहीं, बल्कि एक साफ चेतावनी माने जा रहे हैं। संदेश स्पष्ट है—जो काम करेगा, वही टिकेगा। लापरवाही, दबाव या मनमानी अब नहीं चलेगी।
जिले के जानकारों का मानना है कि इस बड़े प्रशासनिक कदम से आने वाले दिनों में अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों की कार्रवाई और थानों की जवाबदेही में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। वहीं कई थानों में नए प्रभारियों के आने से जनता को भी पुलिसिंग में बदलाव की उम्मीद जगी है।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नए कप्तान के इस सख्त फैसले का असर जमीनी स्तर पर कितना दिखता है। फिलहाल इतना तय है कि महासमुंद पुलिस में नई बयार चल पड़ी है, और यह बयार कई पुराने समीकरणों को बहाकर ले जाती नजर आ रही है।















