मसाज कराने पहुंचे दो तहसीलदार बने मारपीट के शिकारकोरबा में सनसनी: छह युवकों ने दीपका व हरदीबाजार तहसीलदार पर किया हमला, चार गिरफ्तार, दो फरार!
Korba/छत्तीसगढ़ के शांत माने जाने वाले क्षेत्र में मंगलवार रात एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया जिसने पूरे प्रशासनिक तंत्र को हिला कर रख दिया। नस और हाथ-पैर दर्द की मालिश कराने गए दो तहसीलदारों को कुछ युवकों ने बेरहमी से पीट दिया। मामला महज पार्किंग विवाद से शुरू हुआ और कुछ ही पलों में मारपीट में बदल गया। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।मामला कोरबा जिले के आदर्श नगर स्थित राजेश ब्यूटी पार्लर का है। दीपका तहसीलदार अमित केरकेटा और हरदीबाजार तहसीलदार अभिजीत राजभानु मंगलवार देर शाम करीब 9 बजे यहां मालिश कराने पहुंचे थे। दोनों ने पुलिस को बताया कि पटवारी त्रिलोक सोनवानी ने उन्हें बताया था कि इस पार्लर में नसों और जोड़ों के दर्द के लिए अच्छी थेरेपी मिलती है। यह बात सुनकर दोनों अधिकारी अलग-अलग वाहनों से वहां पहुंचे थे। लेकिन यह सुकून का पल अचानक तनाव में बदल गया।
पार्किंग विवाद से बिगड़ी बात!
स्थानीय लोगों के अनुसार, पार्लर के पास पार्किंग को लेकर दोनों तहसीलदारों के चालकों और कुछ युवकों के बीच बहस शुरू हो गई। आवाजें ऊंची होने लगीं तो तहसीलदार खुद बाहर आ गए। उन्होंने कोशिश की कि मामला शांत हो जाए, लेकिन स्थिति काबू में नहीं आई। बताया जाता है कि युवकों ने पहले चालकों से गाली-गलौज की और फिर अचानक दोनों अधिकारियों पर हमला बोल दिया। देखते ही देखते मारपीट शुरू हो गई।आसपास के लोगों ने जब यह नजारा देखा तो मौके पर भीड़ जमा हो गई। बताया जाता है कि जब जनता ने पहचान लिया कि मार खाने वाले अधिकारी हैं, तब जाकर हमलावर लड़के वहां से भाग खड़े हुए। लेकिन तब तक दोनों तहसीलदारों के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आ चुकी थीं। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें तुरंत निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार जारी है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई!
घटना की जानकारी मिलते ही कुसमुंडा थाना प्रभारी युवराज सिंह तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत नाकेबंदी कर चार युवकों को हिरासत में ले लिया। पकड़े गए आरोपितों की पहचान पुनेश, बबन, डिंपल और हितेश सारथी के रूप में हुई है। दो अन्य युवक अभी भी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की दो टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।थाना प्रभारी तिवारी ने बताया कि मुख्य आरोपी हितेश सारथी पहले से ही आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है और उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि यह हमला योजनाबद्ध नहीं था, बल्कि अचानक भड़के विवाद में युवकों ने नियंत्रित संयम खो दिया।
प्रशासनिक हलकों में आक्रोश!
दो प्रशासनिक अधिकारियों से जुड़ी इस घटना के बाद पूरे जिले में आक्रोश का माहौल है। जिले के कई तहसीलदारों और कर्मचारियों ने पुलिस-प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। जिला कलेक्टर ने भी रिपोर्ट तलब करते हुए कहा कि सरकारी अधिकारियों पर हमला कानून-व्यवस्था का गंभीर उल्लंघन है और दोषियों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।साथ ही, यह सवाल भी उठने लगा है कि आखिर सरकारी अधिकारी देर रात निजी मालिश केंद्र तक किस उद्देश्य से गए थे। हालांकि पुलिस ने इसे उनके व्यक्तिगत स्वास्थ्य उपचार का मामला बताया है, फिर भी उच्च स्तर पर इसकी जांच के आदेश दिए गए हैं।
घटनास्थल पर गहराया तनाव!
घटना के बाद आदर्श नगर क्षेत्र में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है। स्थानीय नागरिकों में भय और असुरक्षा का माहौल है। कई लोगों ने कहा कि जिस तरह खुलेआम सरकारी अधिकारियों पर हमला हुआ, उससे कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं। लोगों ने मांग की है कि ब्यूटी पार्लर और आसपास के व्यवसायों की निगरानी बढ़ाई जाए।दूसरी ओर, पार्लर संचालक राजेश ने बयान दिया कि उसका इस विवाद से कोई संबंध नहीं है। उसने कहा कि दोनों अधिकारी नियमित ग्राहक नहीं थे, और जब झगड़ा हुआ वह अंदर अन्य ग्राहकों को देख रहा था।
घायल अधिकारी अभी अस्पताल में!
दीपका तहसीलदार अमित केरकेटा और हरदीबाजार तहसीलदार अभिजीत राजभानु दोनों ही फिलहाल निजी अस्पताल में भर्ती हैं। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों की सिर और चेहरे पर गहरी चोटें हैं, लेकिन स्थिति खतरे से बाहर है। स्वास्थ्य लाभ के बाद उनके बयान पर आगे की कार्रवाई हो सकती है।पुलिस ने घटना की वीडियो फुटेज और सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू कर दी है। उम्मीद है इससे फरार आरोपियों की पहचान हो सकेगी।
सवालों के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था!
यह घटना न केवल प्रशासन के लिए बल्कि आम जनता के लिए एक गंभीर चेतावनी की तरह है। सवाल यह है कि शहर में इतनी देर रात बेखौफ होकर छह युवक दो सरकारी अधिकारियों को पीटकर कैसे भाग निकले। क्या स्थानीय पुलिस की पेट्रोलिंग में ढिलाई रही या यह अचानक हुआ हादसा था?जवाब जो भी हो, इस मारपीट ने स्पष्ट कर दिया है कि समाज में बढ़ती आक्रामकता और असहिष्णुता अब किसी को नहीं छोड़ रही। चाहे वह आम नागरिक हों या प्रशासनिक अधिकारी।जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सभी दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त सजा दी जाएगी। उधर, घायल तहसीलदारों के परिजन और सहयोगी अधिकारियों ने कहा है कि वे मामले को लेकर उच्च स्तर पर ज्ञापन देंगे और अपराधियों को उदाहरणात्मक सजा दिलाने की मांग जारी रखेंगे।














