March 1, 2026 7:06 pm

बिरकोनी औद्योगिक क्षेत्र में मजदूरों की चीखें दबाने की कोशिश:Floatex Solar Pvt. Ltd. पर शोषण, मारपीट और महिला सुरक्षा उल्लंघन के गंभीर आरोप—300 से अधिक मजदूरों में रोष, न्याय की गुहार”

बिरकोनी औद्योगिक क्षेत्र में मजदूरों की चीखें दबाने की कोशिश:Floatex Solar Pvt. Ltd. पर शोषण, मारपीट और महिला सुरक्षा उल्लंघन के गंभीर आरोप—300 से अधिक मजदूरों में रोष, न्याय की गुहार”

Mahasamund/बिरकोनी औद्योगिक क्षेत्र में स्थित Floatex Solar Private Limited कंपनी इन दिनों विवादों के भंवर में फँस गई है, और इसका कारण है मजदूरों—विशेषकर महिला मजदूरों—का लगातार बढ़ता आक्रोश। मजदूरों ने जिला कलेक्टर महासमुंद को एक लिखित शिकायत सौंपते हुए कंपनी प्रबंधन और लेबर ठेकेदारों पर श्रम कानूनों की धज्जियां उड़ाने, महिला सुरक्षा नियमों के घोर उल्लंघन, हाई-टेम्प्रेचर वातावरण में खतरनाक काम, तथा मारपीट और अभद्र व्यवहार जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

शिकायत में कहा गया है कि कंपनी में प्रतिदिन 300–400 मजदूर काम करते हैं, जिनमें लगभग 35–40 महिलाएं भी शामिल हैं। बावजूद इसके, कंपनी परिसर में न तो कोई सेफ्टी उपकरण, न कोई फायर सेफ्टी सिस्टम, न किसी प्रकार का इमरजेंसी मेडिकल अरेंजमेंट उपलब्ध है। मजदूरों का दावा है कि फैक्ट्री में किसी कर्मचारी का एक्सीडेंट होने पर भी उन्हें डॉक्टर या अस्पताल तक नहीं भेजा जाता—बल्कि काम रोकने पर उल्टे दंडित किया जाता है।

“8 घंटे की मजदूरी, लेकिन करवाया जाता है 12 घंटे काम—पीएफ भी नहीं काटते!”

मजदूरों ने बताया कि कंपनी मैनेजमेंट उन्हें 8 घंटे के वेतन पर 12–12 घंटे काम करने पर मजबूर करती है।12 घंटे की श्रमसाध्य ड्यूटी के बाद भी उन्हें केवल 14,000 रुपये माह वेतन दिया जाता है। यह वेतन भी मानकों से कम बताया गया है।

मजदूरों के अनुसार उन्हें PF जैसी मूलभूत सुविधा तक नहीं दी जाती, जबकि श्रम कानून में यह अनिवार्य है। कंपनी की मनमानी का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि जब मजदूर PF और ओवरटाइम की मांग करते हैं तो प्रबंधन उन्हें धमकाते हुए कहता है—
“जाओ जहां शिकायत करना है कर दो… हमें कोई फर्क नहीं पड़ता!”

तीन लेबर ठेकेदारों का जंगलराज—मारपीट, गाली-गलौज आम बात!

शिकायत पत्र में मजदूरों ने खुलासा किया कि कंपनी में तीन लेबर कॉन्ट्रैक्टर अलग-अलग “राजा” बनकर घूमते हैं।ये सभी मजदूरों के साथ मारपीट और गाली-गलौज करते हैं। कई मजदूरों ने यह भी कहा कि किसी विवाद की स्थिति में ठेकेदार और सुपरवाइजर मिलकर मजदूरों को फैक्ट्री के बाहर फेंक देने की धमकी देते हैं।

महिला मजदूरों ने आरोप लगाया कि ठेकेदारों और सुपरवाइजर्स द्वारा उनके साथ अशोभनीय टिप्पणियाँ, अभद्र व्यवहार, और काम के दौरान उत्पीड़न की घटनाएँ आए दिन होती रहती हैं।इसके बावजूद, फैक्ट्री में महिला सुरक्षा अधिकारी, महिला शिकायत कक्ष, या POSH कमेटी जैसी कोई अनिवार्य व्यवस्था मौजूद नहीं है।

हाई-टेम्प्रेचर में खतरनाक काम—लेकिन कोई सुरक्षा उपकरण नहीं!

मजदूरों ने बताया कि फैक्ट्री में हाई टेम्प्रेचर वाले भारी और खतरनाक मशीनों पर उन्हें बिना हेलमेट, ग्लव्स, बूट या मास्क के काम करना पड़ता है।
कई मजदूर जलने, कटने और मशीनों से चोट लगने की घटनाओं का शिकार हुए हैं, पर किसी को उचित उपचार तक नहीं मिला।

एक महिला मजदूर ने बताया—
“अगर कोई गिर जाए, बेहोश हो जाए या जल जाए—कंपनी मैनेजर कहते हैं ‘खुद संभल जाओ, काम बंद मत करो!’”

श्रम विभाग की नींद—कभी नहीं हुआ निरीक्षण!

शिकायत में मजदूरों ने यह भी कहा कि वर्षों से फैक्ट्री में श्रम विभाग की कोई टीम निरीक्षण के लिए नहीं आई।उनका कहना है कि कंपनी प्रबंधन और कुछ प्रभावशाली ठेकेदार मिलकर निरीक्षण को जानबूझकर रोकते हैं।

मजदूरों ने कहा—
“जब हम श्रम विभाग जाने की बात करते हैं, तो कंपनी मैनेजर कहता है—जाओ! कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।”

महिलाओं पर रात की ड्यूटी थोपना—सुरक्षा शून्य!

कई महिला मजदूरों ने बताया कि कंपनी में उनकी सुरक्षा के लिए कोई महिला गार्ड भी कंपनी नहीं रखी है CCTV, न ट्रांसपोर्ट—कोई व्यवस्था नहीं।

मजदूरों की पुकार—“कलेक्टर साहब, हमारी आवाज़ सुनिए!”

सैकड़ों मजदूरों ने हस्ताक्षरित आवेदन प्रस्तुत कर जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि:

•कंपनी के मैनेजर,

•सुपरवाइजर,

•और तीनों लेबर ठेकेदारों

के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए।

मजदूरों ने कलेक्टर से गुहार लगाते हुए कहा—
“हम मजदूर हैं साहब, आवाज़ दबाई जाती है… पर अन्याय कब तक सहेंगे?”

क्या मजदूरों को मिलेगा न्याय?

जैसे-जैसे यह मामला सुर्खियों में आता जा रहा है, प्रशासन पर भी कार्रवाई का दबाव बढ़ता जा रहा है।अब देखना यह है कि जिला कलेक्टर मजदूरों की पुकार पर क्या कदम उठाते हैं—

क्या शोषण की चक्की में पिस रहे मजदूरों को न्याय मिलेगा?

•या फिर बिरकोनी औद्योगिक क्षेत्र में शोषण का अंधेरा और गहराएगा?

वही जिला कलेक्टर से हमारे द्वारा हमको बताया गया कि यह मामले मेरे संज्ञान में आ गया है मै जल्द ही एक प्रशासनिक टीम भेजकर जांच के लिए भेजता हूं और अगर कंपनी द्वारा नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है तो हम उसमें कार्यवाही करेंगे और जितनी भी वहां कंपनी है सभी कंपनियों में हमारी प्रशासनिक टीम जाएगी और  उचित कार्यवाही की जायेगी।

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