March 1, 2026 11:55 pm

“धान खरीदी का महासंग्राम: कलेक्टर लंगेह का कड़ा संदेश—एक भी गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं, लापरवाह कर्मचारी पर होगी सीधी FIR”!

“धान खरीदी का महासंग्राम: कलेक्टर लंगेह का कड़ा संदेश—एक भी गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं, लापरवाह कर्मचारी पर होगी सीधी FIR”!

धान खरीदी के मैदान में ‘अनुशासन का बिगुल’—कलेक्टर लंगेह का सख्त प्रशिक्षण,,,,

mahasamund/महासमुंद जिला में कलेक्टर विनय लंगेह द्वारा समर्थन मूल्य पर खरीफ धान उपार्जन—2025-26 के लिए प्रबंधकों व डाटा ऑपरेटरों का युद्धस्तरीय प्रशिक्षण लिया वही कलेक्टर द्वारा चेतावनी देते हुयें किसानों के रकबा समर्पण को बढ़ावा—नियम तोड़ने पर तत्काल कार्रवाई! वन विभाग के ट्रेनिंग हॉल में आज ऐसा माहौल था, मानो प्रशासन ने खरीफ सीज़न की सबसे बड़ी परीक्षा का ऐलान कर दिया हो। मंच पर कलेक्टर विनय लंगेह… सामने जिले भर के प्रभारी समिति प्रबंधक और डेटा ऑपरेटर… और वातावरण में सरकार की प्राथमिकता का स्पष्ट संदेश—“धान खरीदी में गड़बड़ी नहीं चलेगी!”

जैसे ही कलेक्टर लंगेह ने माइक संभाला, प्रशिक्षण हॉल में सन्नाटा छा गया। उनकी आवाज़ में चेतावनी भी थी और दृढ़ता भी—

“समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शासन की शीर्ष प्राथमिकता है। एक भी अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। धान खरीदी में लगे कर्मचारी पर अनुपस्थिति की स्थिति में एस्मा के तहत FIR होगी।”

यह सुनते ही पूरे हॉल में हलचल मच गई। कर्मचारी एक-दूसरे की ओर देखते रह गए—कलेक्टर का यह संदेश साफ था कि अब कोई बहाना नहीं, कोई ढिलाई नहीं… बस बेहतर व्यवस्था और पारदर्शी धान खरीदी!

टोकन व्यवस्था पर सख्त निर्देश—‘सुबह 8 से 9, तुहर हाथ से ही होगा टोकन’!
कलेक्टर ने टोकन व्यवस्था को खरीदी की रीढ़ बताते हुए कहा—

टोकन तुहर हाथ से सुबह 8 बजे से 9 बजे तक,

•समिति में टोकन 9:30 से शाम 5 बजे तक,

•टोकन कटने के बाद सातवें दिन लागू,

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसानों द्वारा लाया जाने वाला धान केवल गुणवत्ता परीक्षण के बाद ही फड़ में अंदर आएगा। यदि धान में नमी अधिक है, तो किसान को वापस कर दिया जाए।

“नमी 14 से 17 प्रतिशत के बीच होनी अनिवार्य है। इससे अधिक नमी वाला धान खरीदा नहीं जाएगा।”

“अनुपस्थिति तो अपराध है”—कलेक्टर का ऐलान
जैसे बिजली गिरी हो, कलेक्टर लंगेह ने यह भी कहा—

“धान खरीदी को अत्यावश्यक सेवा अधिनियम—एस्मा के तहत शामिल किया गया है। कोई कर्मचारी अनुपस्थित पाया गया तो FIR होगी।”

प्रबंधक और डेटा ऑपरेटर सीटों पर सीधे बैठ गए। यह साफ था—अब धान खरीदी सिर्फ काम नहीं, प्रशासनिक जिम्मेदारी है।

बारदाना, रजिस्टर और व्यवस्था—हर कदम होगा नियमों के तहत! प्रशिक्षण में बारीकी से बताया गया—

•नया व पुराना बारदाना किसान के टोकन प्रस्तुत करने के बाद ही दिया जाए।

•किसी स्थिति में किसान को पहले बारदाना नहीं मिलेगा।

•सभी रजिस्टर—टोकन, धान आवक, बारदाना वितरण, स्टैक, तौल कांटा—संधारित रखना अनिवार्य।

•शाम 5 बजे के बाद धान खरीदी पूर्णत: प्रतिबंधित।

•रिजेक्टेड या अधिक नमी वाले धान को 5 बजे से पहले फड़ से हटाया जाए ताकि उसी दिन स्टैकिंग पूरी हो सके।

स्टैकिंग, जूट रस्सी और स्टैंसिल—सूक्ष्म स्तर की तैयारी !कलेक्टर लंगेह ने अत्यंत कठोरता से कहा—

•धान के बोरे जूट सुतली से ही सिलें, प्लास्टिक रस्सी का उपयोग पूर्णत: वर्जित।

•नए बारदाने में—समिति का नाम, पंजीयन नंबर, धान की किस्म—स्टैंसिल अनिवार्य।

•किस्मवार स्टैकिंग और FAQ (गुणवत्ता नमूना) का सार्वजनिक प्रदर्शन जरूरी।

•इस स्तर की तैयारी से साफ है कि प्रशासन गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं चाहता।

बारिश सुरक्षा, नाली निर्माण और स्टैक कवर—कोई जोखिम नहीं ।अचानक बारिश या मौसम खराब होने की स्थिति के लिए खरीदी केंद्रों को निर्देश दिए गए—

•पर्याप्त प्लास्टिक बोरी व भूसा कवर,

•स्टैक के चारों ओर नाली निर्माण,

•स्टैक को रातभर सुरक्षित रखने की व्यवस्था,

•धान का एक-एक बोरा मानो प्रशासन की परीक्षा बन चुका है।

संदिग्ध और बिचौलियों पर सख्त कार्रवाई—“कोचिया अब नहीं बचेंगे”।प्रशिक्षण में विशेष जोर दिया गया—

•यदि कोई किसान औसत उत्पादन से अधिक धान लाता है, तो तुरंत जांच की जाए।

•अगर वह धान अन्यत्र से खरीदा हुआ पाया गया—खरीदी ना की जाए।

•बिचौलियों द्वारा चिल्हर धान खरीदकर किसान पंजीयन में खपाने की कोशिश पर—तुरंत नोडल अधिकारी को सूचना।

यह कदम किसानों के हितों को सुरक्षित करता है और धान खरीदी को पूरी तरह पारदर्शी बनाता है।

भूमि मिलान और रकबा समर्पण—किसानों के हित में बड़ा निर्देश।धान खरीदी के समय—

•किसान का टोकन,

•उसकी ऋण पुस्तिका,

•रकबे का पूरा मिलान,

इसके बाद ही धान खरीदा जाएगा।कलेक्टर ने कहा—“यदि किसान ने इस वर्ष कम धान बेचा है तो शेष रकबे का समर्पण कर उसे प्रोत्साहित करें।”

रकबा समर्पण किसानों को अनियमितताओं से बचाने का महत्वपूर्ण उपाय बताया गया।

प्रशिक्षण में मौजूद प्रशासनिक टीम—एक संयुक्त मोर्चा
इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण में उपस्थित थे—

•अपर कलेक्टर रवि साहू,

•एसडीएम अक्षया गुप्ता,

•खाद्य अधिकारी अजय यादव,

•डीएमओ आशुतोष कोसरिया,

•नान नोडल अधिकारी आशीष शर्मा,

यह टीम आने वाले खरीफ सीज़न में धान खरीदी को दिशा देने वाली मुख्य भूमिका निभाएगी।

2025-26 धान खरीदी होगी ‘कड़ाई और पारदर्शिता’ का नया अध्याय!

आज के प्रशिक्षण ने एक बात बेहद स्पष्ट कर दी—
सरकार किसानों के धान की खरीदी किसी भी कीमत पर व्यवस्थित, पारदर्शी और निष्पक्ष करना चाहती है।

कलेक्टर लंगेह के निर्देशों ने इस अभियान को एक नए अनुशासन की राह दिखा दी है।अब पूरा जिला इंतजार कर रहा है—किसान, समिति और प्रशासन…कब धान खरीदी की शुरुआत हो और सिस्टम अपनी मजबूती का प्रमाण दे!

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