Uttar pradesh/ उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के खखरेरू थाना क्षेत्र के रामनगर मोहल्ले में रविवार को एक ऐसा हादसा हुआ जिसने हर किसी के दिल को झकझोर दिया। हंसी-खुशी के माहौल में चल रहे शादी समारोह के बीच अचानक एक मासूम की चीखों ने पूरे मोहल्ले को सन्न कर दिया। पांच वर्षीय बच्चा खेलते-खेलते छत से नीचे गिर पड़ा और नीचे बने निर्माणाधीन मकान की निकली हुई लोहे की सरिया उसके पेट में आर-पार हो गई। यह भयावह दृश्य देखकर परिवारजन और आस-पड़ोस के लोग दहशत में आ गए।
घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। लोगों के चेहरों पर डर और चिंता साफ झलक रही थी। बताया गया कि बच्चा अपनी मौसी के विवाह समारोह में अपने माता-पिता के साथ आया हुआ था। विवाह की खुशियों के बीच बच्चे खेल रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। बच्चा खेलते हुए छत के किनारे पहुंच गया और अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया। कुछ ही सेकंड में वह नीचे जा गिरा और लोहे की सरिया ने उसके पेट को चीरते हुए आर-पार कर दिया।
गिरते ही मासूम दर्द से तड़पने लगा और चारों ओर से चीख-पुकार मच गई। परिवार की महिलाओं की चीखें दूर तक सुनाई देने लगीं। आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि बच्चे के शरीर में सरिया आर-पार फंसी हुई थी। यह नजारा इतना भयानक था कि कई लोग उसे देखकर सहम गए।
लोगों ने तुरंत समझदारी दिखाते हुए बच्चे को बचाने की कोशिश शुरू की। किसी ने ग्राइंडर मशीन मंगाने के लिए दौड़ लगाई, तो कोई एम्बुलेंस को फोन करने लगा। सरिया इतनी मोटी और गहरी थी कि उसे हाथ से निकालना नामुमकिन था। थोड़ी ही देर में ग्राइंडर मशीन लाई गई और सावधानीपूर्वक सरिया को काटने का काम शुरू किया गया। हर कट के साथ लोगों की सांसें अटक रही थीं। परिवार के सदस्य बच्चे का सिर पकड़कर उसे ढांढस बंधा रहे थे और भगवान से उसकी जान बचाने की प्रार्थना कर रहे थे।
करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद सरिया को काटा गया और बच्चे को सावधानीपूर्वक बाहर निकाला गया। उसकी हालत गंभीर थी। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत बच्चे को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि बच्चा खतरे से बाहर नहीं है और उसे तत्काल कानपुर के हैलेट अस्पताल रेफर कर दिया गया।
जैसे ही यह खबर मोहल्ले में फैली, पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया। जहां कुछ घंटे पहले शादी की खुशियां गूंज रही थीं, वहां अब सिसकियों और प्रार्थनाओं की आवाजें थीं। मोहल्ले के लोगों ने अस्पताल पहुंचकर परिवार का हौसला बढ़ाया। बच्चे का इलाज फिलहाल विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह हादसा चंद पलों में हुआ, लेकिन इससे जो सबक मिला वह बहुत बड़ा है। निर्माणाधीन मकानों में खुले सरिए, अधूरे छत और असुरक्षित किनारे बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। कई लोगों ने प्रशासन से अपील की कि ऐसे इलाकों में सुरक्षा उपाय अनिवार्य किए जाएं ताकि भविष्य में किसी और मासूम की जान जोखिम में न पड़े।
वहीं, पुलिस ने भी मौके का निरीक्षण किया और घटना की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह एक दर्दनाक हादसा है, लेकिन यह भी चेतावनी है कि लापरवाही कभी-कभी जिंदगी और मौत के बीच की दूरी बना देती है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि बच्चों को ऐसे स्थानों पर खेलने न दें जहां सुरक्षा इंतजाम अधूरे हों।
स्थानीय लोगों ने बताया — “यह हादसा देखकर पूरा मोहल्ला रो पड़ा। बच्चा तो शादी में खुशियां मनाने आया था, किसी ने नहीं सोचा था कि ऐसा कुछ हो जाएगा। हमें अपने घरों और आसपास के निर्माण कार्यों में सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए।”
शहर के डॉक्टरों का भी कहना है कि ऐसे मामलों में सबसे अहम बात यह होती है कि घायल को जल्द से जल्द चिकित्सा सहायता मिले और बिना चिकित्सक के सलाह के शरीर में फंसे किसी वस्तु को न निकाला जाए। लोगों की तत्परता और समझदारी से बच्चे की जान तो बच गई, लेकिन हादसे ने सभी को हिला दिया है।
रामनगर मोहल्ले के लोग अब हर घर में बच्चों को चेतावनी दे रहे हैं कि वे छत के किनारों पर न जाएं और खेलते समय सावधानी बरतें। विवाह स्थल पर एक पल में खुशी मातम में बदल गई, और पूरे जिले में इस दर्दनाक घटना की चर्चा हो रही है।
यह हादसा सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि एक चेतावनी है — लापरवाही कभी-कभी सबसे बड़ी त्रासदी बन जाती है।













