खूनी रिश्तों का खौफनाक सच:महासमुन्द पुलिस ने ग्राम बेमचा में हुई सनसनीखेज हत्या का किया पर्दाफाश – प्रेमिका और बेटे ने मिलकर की बेरहमी से हत्या, खौफनाक राज़ से उठा पर्दा!
Mahasamund/जिले में उस वक्त दहशत और सन्नाटा फैल गया जब ग्राम बेमचा की बड़ी नहर से एक अज्ञात शव बरामद हुआ। शव की हालत ऐसी थी कि पहचानना मुश्किल हो गया था—चेहरे पर चोट, गले पर गहरे घाव और गुप्तांग पर खौफनाक वार। पुलिस ने जब लाश को पानी से बाहर निकाला तो यह साफ हो गया कि मामला कोई साधारण मौत नहीं, बल्कि निर्दयी हत्या है।
जैसे ही यह खबर गांव-गांव फैली, लोग दहशत में आ गए। पुलिस तुरंत हरकत में आई और सायबर सेल सहित तीन विशेष टीमों का गठन किया गया। घंटों की मशक्कत और बारीकी से जुटाए गए सुरागों ने धीरे-धीरे उस गुत्थी को सुलझाना शुरू किया, जिसने पूरे जिले को हिला कर रख दिया।
शव की पहचान और परिजनों का बयान!
पुलिस की पड़ताल में पता चला कि मृतक का नाम पिलेश्वर साहू (निवासी पचेडा, थाना खल्लारी) जिसकी उम्र 30- 35 वर्ष थी।परिजनों ने शव की पुष्टि की। पिलेश्वर रायपुर में सुरक्षा गार्ड की नौकरी करता था और 8 सितम्बर से ड्यूटी पर नहीं पहुँचा था। यहीं से शक की सुई उसकी प्रेमिका देवकी बघेल और उसके बेटे सुरेश बघेल की ओर घूमी।
दरअसल, पिलेश्वर पिछले 5 सालों से देवकी बघेल के साथ रह रहा था और अपनी पत्नी-बच्चों को छोड़ चुका था। गांव में यह रिश्ते की चर्चा आम थी, लेकिन इसके पीछे चल रहा तनाव अब एक खूनी अंजाम में बदल गया।
प्रेम और अवैध संबंधों से उपजा खून!
पूछताछ में देवकी बघेल ने पुलिस के सामने खौफनाक सच कबूल किया। उसने बताया कि पिलेश्वर अक्सर शराब के नशे में आकर उसके घर झगड़ा करता था, गाली-गलौज करता और परिवारिक मामलों में दखल देने लगा था। इससे वह और उसका बेटा बेहद परेशान थे।
9 सितम्बर की रात सब्र का बांध टूट गया। देवकी और उसका बेटा सुरेश जिसकी उम्र 21, दोनों ने मिलकर पिलेश्वर को रस्सी से खाट में बांध दिया। फिर घर में रखे सब्जी काटने वाले चाकू से उसका गला रेत दिया। शोर न मचाए इसलिए उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया गया।
इतना ही नहीं, देवकी ने पेचकस से उसकी आंखों पर वार किया और सुरेश ने उसके गुप्तांग को काट डाला। पहचान छिपाने के लिए चेहरे पर मुरूम का ढेला पटक कर उसे विकृत कर दिया गया।
नहर में फेंका शव, मिटाए सबूत!
हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने शव को घसीटते हुए घर के पास नहर में फेंक दिया। पिलेश्वर के कपड़े और मोबाइल भी पानी में फेंक दिए गए ताकि कोई सबूत न बचे। लेकिन कहते हैं कि अपराध चाहे कितना भी संगीन क्यों न हो, सच सामने आ ही जाता है।
पुलिस की सतर्कता और सायबर सेल की सूझबूझ से मामला सुलझ गया। मौके से हत्या में इस्तेमाल चाकू, रस्सी, पेचकस और खून से सने कपड़े बरामद किए गए।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास!
इस सनसनीखेज खुलासे ने एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने रखा—देवकी बघेल के खिलाफ पहले से ही पति की हत्या का मामला दर्ज था। यानी यह कोई पहली वारदात नहीं थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
गांव में अब चर्चा का एक ही विषय है—कैसे अवैध संबंधों और पारिवारिक कलह ने एक निर्दोष जीवन की कीमत ले ली। लोग दबी जुबान में कह रहे हैं कि यह मामला केवल प्रेम का नहीं बल्कि जुनून, हिंसा और अपराध की खतरनाक मिलावट है।
पुलिस की सतर्कता पर उठे सराहना के स्वर!
महासमुन्द पुलिस और सायबर सेल की संयुक्त कार्रवाई की हर ओर सराहना हो रही है। जिस तेजी से तीन टीमों ने साक्ष्य जुटाए, लोगों से पूछताछ की और महज कुछ दिनों में आरोपियों तक पहुँची, वह वाकई काबिले-तारीफ है।
वही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने कहा—“यह हत्या अत्यंत नृशंस थी। आरोपी कितने भी चालाक क्यों न हों, कानून की पकड़ से बच नहीं सकते। हमारी टीमों ने कड़ी मेहनत कर सच्चाई सामने रखी है।”
ग्राम बेमचा की यह घटना पूरे जिले के लिए चेतावनी है। रिश्तों में विश्वास टूटे तो उसका परिणाम कितना भयावह हो सकता है, यह इस मामले से साफ है। प्रेमिका और बेटे के हाथों हुई हत्या ने समाज को झकझोर दिया है।
आज हर कोई यही सवाल कर रहा है—क्या पिलेश्वर की मौत केवल एक कलह का नतीजा थी या इसके पीछे और भी राज छिपे हैं? पुलिस फिलहाल मामले की तह तक जाने में जुटी है, लेकिन इतना तय है कि यह हत्या लंबे समय तक महासमुन्द की यादों में एक डरावनी कहानी बनकर दर्ज रहेगी।













