March 15, 2026 4:01 pm

“दोहरी रसोई पर सरकार का ब्रेक! PNG वालों की LPG पर अब ‘नो एंट्री’, नियम बदलते ही लाखों कनेक्शन पर संकट”!

“दोहरी रसोई पर सरकार का ब्रेक! PNG वालों की LPG पर अब ‘नो एंट्री’, नियम बदलते ही लाखों कनेक्शन पर संकट”!

पेट्रोलियम मंत्रालय का बड़ा फैसला — जिन घरों में PNG है, वहां LPG सिलेंडर नहीं मिलेगा; दोनों कनेक्शन रखने वालों को सिलेंडर करना होगा सरेंडर!

देश की रसोई से जुड़ा एक बड़ा और नाटकीय फैसला सामने आया है। केंद्र सरकार के Ministry of Petroleum and Natural Gas ने घरेलू गैस कनेक्शन के नियमों में ऐसा बदलाव किया है जिसने लाखों उपभोक्ताओं को चौंका दिया है। अब जिन घरों में पाइपलाइन से गैस यानी PNG कनेक्शन मौजूद है, वहां घरेलू LPG सिलेंडर रखने की अनुमति नहीं होगी।

सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि किसी उपभोक्ता के पास PNG और LPG दोनों कनेक्शन हैं, तो उसे तुरंत LPG कनेक्शन सरेंडर करना होगा। नियम लागू होने के बाद ऐसे उपभोक्ताओं को LPG सिलेंडर की रिफिल भी नहीं दी जाएगी। यह नया प्रावधान Essential Commodities Act के तहत राजपत्र में प्रकाशित होने के बाद प्रभावी होगा।

रसोई में नया नियम, उपभोक्ताओं में हलचल!

सरकार के इस फैसले ने शहरों से लेकर महानगरों तक बड़ी चर्चा छेड़ दी है। जिन इलाकों में PNG नेटवर्क तेजी से फैल रहा है, वहां हजारों परिवार ऐसे हैं जिन्होंने सुविधा के लिए दोनों कनेक्शन ले रखे थे।

अब यह सुविधा खत्म होने वाली है। मंत्रालय का मानना है कि दोहरी व्यवस्था से गैस वितरण प्रणाली पर अनावश्यक दबाव पड़ता है और सब्सिडी का भी दुरुपयोग होता है। इसलिए अब “एक घर – एक गैस व्यवस्था” की नीति लागू करने की तैयारी है।

एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, “PNG वाले घरों में LPG सिलेंडर रखने का कोई औचित्य नहीं है। इससे वितरण असंतुलित होता है और जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक सिलेंडर समय पर नहीं पहुंच पाता।”

नियम लागू होते ही बंद होगी रिफिल!

सूत्रों के मुताबिक जैसे ही यह नियम राजपत्र में प्रकाशित होगा, गैस कंपनियों को निर्देश जारी कर दिए जाएंगे। इसके बाद यदि किसी उपभोक्ता के पास PNG और LPG दोनों कनेक्शन पाए जाते हैं, तो उसके LPG कनेक्शन पर तुरंत रोक लगा दी जाएगी।

रिफिल बुकिंग सिस्टम में भी बदलाव किया जाएगा। जैसे ही उपभोक्ता की जानकारी में PNG कनेक्शन दर्ज मिलेगा, LPG सिलेंडर की बुकिंग स्वतः अस्वीकृत हो सकती है।

क्यों लिया गया यह फैसला?

सरकार का तर्क है कि PNG को बढ़ावा देना ऊर्जा नीति का अहम हिस्सा है। पाइपलाइन गैस को सुरक्षित, सस्ती और निरंतर आपूर्ति वाली ऊर्जा माना जाता है।

केंद्र सरकार लंबे समय से शहरों में पाइपलाइन गैस नेटवर्क का विस्तार कर रही है। कई शहरों में तो रसोई तक पाइपलाइन पहुंच चुकी है। ऐसे में LPG सिलेंडर को केवल उन इलाकों तक सीमित रखने की रणनीति बनाई जा रही है जहां पाइपलाइन गैस उपलब्ध नहीं है।

लाखों उपभोक्ताओं पर असर!

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले का सीधा असर उन परिवारों पर पड़ेगा जिन्होंने सुरक्षा या आपातकालीन स्थिति के लिए दोनों कनेक्शन रखे थे।

कई लोगों का कहना है कि PNG में कभी-कभी प्रेशर कम होने या तकनीकी दिक्कत आने पर LPG सिलेंडर बैकअप के रूप में काम आता था। अब यह विकल्प खत्म हो जाएगा।

हालांकि मंत्रालय का दावा है कि PNG नेटवर्क इतना मजबूत बनाया जा रहा है कि ऐसी स्थिति ही नहीं आएगी।

गैस एजेंसियों को भी निर्देश!

गैस एजेंसियों और वितरकों को भी निर्देश देने की तैयारी है कि वे उपभोक्ताओं का डेटा अपडेट करें। यदि किसी उपभोक्ता के पास दोहरी व्यवस्था मिलती है तो उसे नोटिस जारी किया जाएगा।

कुछ जगहों पर तो एजेंसियों ने अनौपचारिक रूप से उपभोक्ताओं को सलाह देना भी शुरू कर दिया है कि वे समय रहते अपना LPG कनेक्शन सरेंडर कर दें ताकि आगे किसी प्रकार की परेशानी न हो।

उपभोक्ताओं की प्रतिक्रिया!

सरकार के इस फैसले पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है।

कुछ लोग इसे सही कदम बता रहे हैं। उनका कहना है कि इससे गैस की उपलब्धता बेहतर होगी और वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी।

वहीं दूसरी ओर कई उपभोक्ता इसे अचानक लिया गया फैसला मान रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार को कम से कम कुछ समय की मोहलत देनी चाहिए ताकि लोग अपनी व्यवस्था बदल सकें।

अब सबकी नजर उस राजपत्र अधिसूचना पर टिकी है, जिसके प्रकाशित होते ही यह नियम लागू हो जाएगा। इसके बाद गैस कंपनियां उपभोक्ताओं के डेटा की जांच शुरू करेंगी और दोहरी गैस व्यवस्था को खत्म किया जाएगा।

ऊर्जा क्षेत्र के जानकार मानते हैं कि आने वाले वर्षों में शहरों में LPG सिलेंडर की भूमिका धीरे-धीरे कम होती जाएगी और PNG ही मुख्य ईंधन बन सकता है।

फिलहाल इतना तय है कि सरकार के इस फैसले ने देश की रसोई में एक नया मोड़ ला दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि नियम लागू होने के बाद कितने लोग LPG कनेक्शन सरेंडर करते हैं और गैस व्यवस्था में यह बदलाव कितनी तेजी से जमीन पर उतरता है।

Leave a Comment

और पढ़ें

Cricket Live Score

Corona Virus

Rashifal

और पढ़ें

error: Content is protected !!